संभल के एमजीएम कॉलेज में प्रेसवार्ता करते गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के कुलपति सचिन माहेश्वरी।
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संभल। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद के कुलपति प्रोफेसर सचिन माहेश्वरी ने कहा कि इंटर्नशिप व प्लेसमेंट जैसे कार्यक्रम विवि कैंपस तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि यूनिवर्सिटी से संबद्ध सभी कॉलेजों में इस तरह की सुविधा मिलेगी ताकि विद्यार्थियों को इसका लाभ मिले। यही नहीं, युवाओं को रोजगार के देने के लिए हर महाविद्यालय में ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल का गठन भी किया जाएगा। कुलपति बृहस्पतिवार को संभल के एमजीएम महाविद्यालय में प्रेसवार्ता कर रहे थे। कहा कि स्नातक स्तर की कक्षाओं में प्रवेश के बाद अब परास्नातक कक्षाओं में भी प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की गई है जो 31 अगस्त तक जारी रहेगी। विवि से संबद्ध कॉलेजों में इस साल केमिस्ट्री, एनवाॅयरनमेंट साइंस, म्यूजिक एवं साउंड आर्ट्स, भूगोल व गणित समेत 11 विषयों में प्रवेश लिए जाएंगे। इसके अलावा आने वाले समय में विश्वविद्यालय 35 अन्य कोर्स शुरू करने पर भी विचार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सभी पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के भावनाओं के अनुरूप रोजगार, आवश्यकता व कठिनाइयों को भी ध्यान में रखा जाएगा। विवि अवसंरचना एवं संसाधनों में इजाफा होने पर भविष्य में मेडिकल और कृषि विज्ञान के पाठ्यक्रम भी शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। नकलविहीन परीक्षा को लेकर हुए सवाल पर कुलपति ने कहा कि विवि नकलविहीन, शुचितापूर्ण और पारदर्शी परीक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य में भी प्रवेश परीक्षा एवं मुख्य परीक्षा आदि सभी प्रकार की परीक्षाओं का नकलविहीन आयोजन होगा ताकि विद्यार्थियों को प्राप्त होने वाली डिग्रियां महत्वहीन न हों। विवि स्तर पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है।
यही नहीं, विवि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध हैं। विकसित भारत के निर्माण के लिए उच्च शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सहयोग एवं सुझाव के लिए समाजसेवकों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आह्वान भी किया। इस दौरान यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार गिरीश कुमार द्विवेदी, एमजीएम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर योगेंद्र सिंह, एसडीएम संभल विकासचंद्र आदि रहे।
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कॉलेजों को राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र न बनाएं
संभल। चंदौसी के दो कॉलेजों का जिक्र करते हुए कुलपति ने कहा कि कॉलेजों को राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र नहीं बनाया जाना चाहिए। इससे विद्यार्थियों का भविष्य खराब होता है। शिक्षा के क्षेत्र में सभी को समान अवसर मिला है। ऐसे में दायित्व के साथ अपने कर्तव्य भी ध्यान देना होगा। जिससे स्वस्थ और उत्कृष्ट समाज में सहभागी बन सकें। संवाद