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Sambhal News: यूपीआई में बदलाव के विरोध में आए व्यापारी

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चंदौसी। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के विरोध में प्रदर्शन किया। बुधवार को व्यापारी फड़याई बाजार से मार्च करते हुए तहसील मुख्यालय पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम आशुतोष तिवारी को सौंपा। उन्होंने 15 अक्तूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर एमडीआर लागू करने की व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग की।
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जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि यूपीआई ने डिजिटल भुगतान को सरल और सुविधाजनक बनाया है। इससे आम नागरिकों, व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को लाभ हुआ है। व्यापारी वर्ग ने भी डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग दिया है। हालांकि, 2,000 रुपये से अधिक के लेन-देन पर एमडीआर लागू होने से छोटे और फुटकर व्यापारियों में चिंता है। भले ही कुछ श्रेणियों को शून्य एमडीआर का संरक्षण मिला है, कई छोटे व्यापारी इससे प्रभावित होंगे। व्यापारियों का कहना है कि यह शुल्क उनके सीमित लाभ मार्जिन पर अतिरिक्त बोझ डालेगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष के अलावा विनय सर्राफ, हाजी इश्त्याक वेग, कपिल वार्ष्णेय, देवेंद्र गुप्ता, शीनू गुप्ता, श्रीगोपाल, टीटेश काका, मो. जाहिद और सुधीर कुमार शामिल थे।
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व्यापारियों ने प्रधानमंत्री से किया आग्रह
छोटे एवं फुटकर व्यापारियों के लिए यूपीआई भुगतान व्यवस्था को पूर्णतः शुल्क-मुक्त रखना जाए।
ऐसे व्यापारियों के लिए केवल यूपीआई से प्राप्त मासिक राशि के आधार पर सीमा निर्धारित करने के बजाय उनके वास्तविक व्यापारिक स्वरूप एवं कारोबार की प्रकृति को भी ध्यान में रखा जाए।
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यदि किसी श्रेणी में एमडीआर व्यवस्था आवश्यक समझी जाए तो छोटे व्यापारियों को उससे पर्याप्त एवं व्यावहारिक संरक्षण दिया जाए।
ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे डिजिटल भुगतान भी मजबूत रहे और छोटे व्यापारी पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी न पढ़े।
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