चंदौसी। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने वित्तमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। व्यापारियों का कहना है कि देश में पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। जिससे देश की आम जनता एवं व्यापारियों को महंगाई एवं कच्चे माल की कीमतों से राहत मिल सके। क्योंकि जीएसटी की अधिकतम दर 28 प्रतिशत है।
पेट्रोलियम पदार्थों के जीएसटी में आने से 25 प्रतिशत इनकी कीमतों में कमी आएगी। जिससे महंगाई घटेगी व कच्चे तेल की कीमत भी घटेगी। इससे आम जनता को राहत मिलेगी। जीएसटी में ई वे बिल की सीमा एक दिन में 200 किमी कर दी गई है। जो सही नहीं है। उसको पहले की तरह 100 किमी कर दिया जाए। यदि व्यापारी से कोई त्रुटि हो जाती है तो उसके ऊपर पेनाल्टी लगाना उचित नहीं है।
व्यापारी को अपनी बात कहने का अवसर दिया जाए। साथ ही वस्तु एवं सेवा कर के जो अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और व्यापारियों का उत्पीड़न करते हैं, उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। ज्ञापन देने वालों में प्रेम ग्रोवर, शाह आलम मंसूरी, प्रभात कृष्णा, विकास मिश्रा, सुनील कुमार, अनुज वार्ष्णेय, वसीम अख्तर, राजू चड्ढा आदि मौजूद रहे।