धनारी (संभल)। गांव जयराम नगर में गायत्री शक्तिपीठ पर चल रहे चार दिवसीय 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन करीब पांच हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां देकर अवगुण त्यागने का संकल्प लिया। भंडारे का भी आयोजन किया गया।
शनिवार को यज्ञ में पहुंचे श्रद्धालुओं का गायत्री परिवार की टोली ने तिलक लगाकर स्वागत किया। इसके बाद जनेऊ और दीक्षा संस्कार के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ की शुरूआत हुई। शक्ति पीठ के साधकों ने पीले वस्त्र धारण किए श्रद्धालुओं को विधिवत रूप से यज्ञ में आहुतियां दिलवाई। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख शांति व राष्ट्र कल्याण के लिए कामना की। साथ ही अवगुणों का त्याग करने का संकल्प लिया। टोली नायक श्रीराम तपस्या यादव ने बताया कि गायत्री मंत्र चारों वेदों का सार है। वेदों में पहले ही लिख दिया गया कि संभल की पावन भूमि पर भगवान अवतार लेंगे और पापियों का अंत होगा। इसलिए अपने अंदर फैली कुरीतियों को दूर कर भगवान के ध्यान में लग जाएं। अगर समय कम हो तो सोते समय गायत्री मंत्र का उच्चारण करते हुए सोने के प्रयास करें। उन्होंने युवाओं से मोबाइल का सदुपयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। जिसमें श्रद्धालुओं ने खीर, पूरी और खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण कर किया। इस मौके पर विजय पाल सिंह यादव, सोमपाल सिंह, अखिलेश यादव, डॉ. राम रतन लाल, रितेश शर्मा, भगत सिंह, रामनिवास यादव, डॉ. संजीव शर्मा, वीरेंद्र पाल आदि मौजूद रहे।
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साहित्य और धार्मिक पुस्तकों की जमकर हुई बिक्री
गायत्री शक्तिपीठ पर शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से पुस्तकों के स्टॉल लगाए गए। इस दौरान धार्मिक और साहित्य पुस्तकों की खूब बिक्री हुई। श्रद्धालुओं ने धार्मिक पुस्तकों के अलावा यज्ञ संबंधित सामग्री भी खरीदी।