चंदौसी के मूंछों वाले मंदिर में शिव परिवार की प्रतिमाओं का श्रंगार करते पुजारी।
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सावन माह बृहस्पतिवार से शुरू हो गया है। आज सावन का पहला सोमवार है। इसके लिए रविवार को ही शिवालयों में विशेष साफ-सफाई की गई। मंदिरों में साज सज्जा का विशेष ख्याल रखा गया।
असमोली के गुमसानी स्थित झारखंडी महादेव मंदिर, फत्तेहपुर भाऊ स्थित प्रकटेश्वर महादेव मंदिर, संतोषपुरी सन्यास आश्रम अट्टा अतौरा, पातालेश्वर महादेव मंदिर में सावन के पहले सोमवार के लिए जलाभिषेक की तैयारियां की गई हैं। संतोषपुरी सन्यास आश्रम अट्टा अतौरा के पुजारी अनंतपुरी महाराज ने बताया कि भोले बाबा की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। चंदौसी क्षेत्र के प्राचीन शिव मंदिर बेरनी, झारखंडी मंदिर छाबड़ा, चंदौसी नगर के सुभाष रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर, सीता रोड स्थित मूछों वाले शिव मंदिर, मुंसिफ रोड स्थित शिव मंदिर पर सावन मास में श्रद्धालु जलाभिषेक करते हैं। झारखंडी मंदिर छाबड़ा के महंत द्वारकादास ने बताया कि सावन मास भोलेनाथ का प्रिय महा है सच्चे मन से उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गांव छाबड़ा स्थित झारखंड धाम शिव मंदिर एवं बेरनी स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर जलाभिषेक के लिए व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन एवं मंदिर कमेटी की निगरानी रहेगी। झारखंड धाम शिव मंदिर में मौजूद शिवलिंग का प्रकाट्य 150 वर्ष पूर्व बताया जाता है तथा बेरनी में स्थित शिव मंदिर पांचवी सदी का बताया जाता है जिसका तीसरी बार जीर्णोद्धार किया गया है। यहां दोनों स्थानों पर प्रत्येक सोमवार को जलाभिषेक करने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं।