संभल। कड़ाके की सर्दी और कोरोना संक्रमण बुजुर्गों के लिए सबसे अधिक खतरनाक है। बढ़ती उम्र के साथ इम्युनिटी कम हो जाती है। इसलिए बुजुर्ग घरों में ही रहकर योग कर निरोगी बनने में लगे हैं। चिकित्सक भी यही सलाह दे रहे हैं।
वर्तमान समय में भीषण सर्दी है। साथ ही कोरोना के प्रतिदिन आ रहे मामले से भी जिले के लोग परेशान हैं। इस समय बुजुर्गों का घरों से निकला खतरे से खाली नहीं है। इसलिए भीषण सर्दी और संक्रमण की चपेट से बचने के लिए अधिकांश बुजुर्गों ने घरों से कम ही निकलना शुरू कर दिया है। वह योग भी घरों में कर रहे हैं।
कोरोना संक्रमण फैलने से पहले 40 लोग एक साथ योग करते थे, लेकिन जब से कोरोना संक्रमण फैला है। तब से घर पर रहकर ही योग कर रहे हैं। इससे शरीर को नई ऊर्जा मिलती है।
महेश चंद्र भारद्वाज, मोहल्ला कोटपूर्वी, संभल
मेरी उम्र 70 साल की हो गई है। 50 साल से रोजाना योग करता हूं। अब जब से कोरोना संक्रमण फैला है तो घर पर रहकर ही अकेला योग करता हूं। पहले अन्य साथियों के साथ योगा किया करता था।
प्रदीप कुुमार, मोहल्ला ठेर, संभल
कोरोना संक्रमण फैलने से पहले आर्य समाज में जाकर साथियों के साथ योग किया करते थे। अब संक्रमण बढ़ा है तो घर रहकर अकेले योग करते हैं। इससे इम्यूनिटी बढ़ती है। शरीर भी दुरुस्त बना रहता है।
कुलदीप ऐरन, मोहल्ला ठेर, संभल
कोरोना संक्रमण जब से शुरू हुआ है तब से प्रतिदिन योग कर रहा हूं। इम्युनिटी बढ़ती है और शरीर भी स्वस्थ बना रहता है। इसके अलावा योग करने से शरीर में नई ऊर्जा के प्रवाह की अनुभूति होती है।
संजय देवल, मोहल्ला कोटपूर्वी, संभल
योग करना शरीर के लिए सबसे बेहतर है। नियमित करना चाहिए। इससे इम्युनिटी बढ़ती है। बुजुर्ग घरों में रहकर ही योग प्रतिदिन किया करें। कोरोना संक्रमण से भी बचाव हो जाएगा। इसके अलावा शरीर में नई ऊर्जा बनी रहती है।
डा. मनीष अरोड़ा, सीएचसी प्रभारी, संभल