चंदौसी। न्यायालय ने चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के वर्ष 2022 में हुए बालिका से छेड़खानी के मामले में एक दोषी को तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुई।
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि वादिनी द्वारा चंदौसी कोतवाली पुलिस को एक तहरीर दी थी। इसमें पीड़िता ने बताया था कि 26 जनवरी 2022 की शाम करीब चार बजे उसकी आठ वर्षीय पोती खेल रही थी और खेलते-खेलते वह जोगराज निवासी गांव रेवती थाना आंवला जिला बरेली व हाल निवासी चंदौसी के घर चली गई। जहां जोगराज ने बुरी नीयत से पकड़ लिया तथा उसकी पोती के चिल्लाने पर जब वह दौड़ कर जोगराज के घर पहुंची तो जोगराज उसकी पोती के साथ छेड़खानी कर रहा था। उसे देख कर धमकी देते हुए भाग गया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर जोगराज के खिलाफ छेड़खानी और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने साक्ष्यों को जुटाकर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया।
मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने जोगराज को छेड़खानी के आरोप में जोगराज को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी। साथ ही जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।