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चंदौसी में पिछले चौबीस घंटे में बुखार से तीन की जान गई

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चंदौसी के मौलागढ़ में बुखार से छत्रपाल की मौत के बाद विलाप करते परिजन। - फोटो : CHANDAUSI
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चंदौसी। बुखार से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। पिछले चौबीस घंटे में चंदौसी क्षेत्र में एक चार साल की मासूम समेत तीन लोगों की मौत हो गई है। लगातार हर रोज हो रही मौतों से लोगाें में बुखार को लेकर दहशत है। हल्का बुखार आने पर भी लोग अपने परिजनों को लेकर बड़े अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।
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पिछले एक सप्ताह से लगातार बुखार जानलेवा होता जा रहा है।
कई गांवों में बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य महकमा सिर्फ तमाशाई की स्थिति में है। पिछले चौबीस घंटे के दौरान चंदौसी क्षेत्र में फिर तीन लोगों की बुखार ने जान ले ली है। चंदौसी के मौलागढ़ निवासी छत्रपाल (26) पुत्र रामफल को दो दिनों से तेज बुखार था। कई डाक्टरों को दिखाया लेकिन उसका बुखार कम नहीं हुआ। मंगलवार को भी परिजन चंदौसी से दवाई दिलाकर घर ले गए लेकिन रात करीब दो बजे छत्रपाल की मौत हो गई। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। इसके अलावा कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के नगला पूर्वा गांव में अधिकांश घरों में कोई न कोई बुखार से पीड़ित बताया जा रहा है। यहां के मटरू खां (72) पुत्र सूफीदार खां को पिछले तीन दिनों से बुखार आ रहा था।
परिजन लगातार चंदौसी के अस्पतालों से दवाई करा रहे थे लेकिन बुखार कम नहीं हो रहा था। उनके पुत्र शफीकुद्दीन ने बताया कि मटरू खां की मंगलवार की शाम करीब छह बजे मौत हो गई। इसी गांव में तीन दिनों से बुखार से तप रही रुबीना (चार) पुत्री गुलशेर की भी कई अस्पतालों से दवाई कराई गई लेकिन बुधवार को दोपहर को बारह बजे उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि सप्ताह भर पहले भी गांव की दस दिन की गुलशन पुत्री नन्हें की बुखार की चपेट में आकर मौत हो गई थी। बताते हैं कि पैदा होने के तत्काल बाद से ही बालिका बुखार की चपेट में आ गई थी।
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शव यात्रा मार्ग में जलभराव से भड़के ग्रामीण, विरोध प्रदर्शन
चंदौसी। मौलागढ़ में मंगलवार की रात बुखार से छत्रपाल की मौत हो जाने के बाद सुबह को उसकी शव यात्रा निकालने के दौरान रास्ते में जलभराव होने पर लोग भड़क गए। उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि सालभर से इस मार्ग पर लगातार जलभराव है लेकिन ग्राम पंचायत इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
मंगलवार की रात को छत्रपाल की बुखार से मौत के बाद बुधवार की सुबह को उसकी शव यात्रा निकालने का समय आया तो लोगों ने देखा कि जिस मार्ग से शवयात्रा जानी है, उस पर तो पिछले एक साल से जलभराव है। जिसे लेकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने ग्राम प्रधान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि गांव में कोई भी कार्य नहीं किया जा रहा है।
अधिकांश मार्ग ऊबड़खाबड़ है। इस मार्ग पर सालभर से लगातार जलभराव हो रहा है। जिससे लोगों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ा रहा है। ग्राम प्रधान से कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई समाधान नहीं किया गया है। प्रदर्शनकारियों में रामौतार, ब्रह्मपाल, सियाराम, राजेंद्र कुमार, सर्वेश कुमार, उदयपाल सिंह, भारत सिंह, मोहन लाल आदि शामिल रहे।
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