चंदौसी (संभल)। एससी-एसटी एक्ट और अपहरण के प्रयास के मामले में न्यायालय ने बृहस्पतिवार को तीन दोषियों को साढ़े तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई है। साथ ही तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की धनराशि प्रतिकर के रूप में पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
थाना गुन्नौर के एक गांव निवासी महिला ने थाना पुलिस को एक तहरीर दी। जिसमें उसने बताया कि उसकी बेटी 10 सितंबर 2016 को शाम साढ़े छह बजे अपने खेत में जंगली जानवरों को भगाने के लिए गई थी। इसी दौरान सफेद रंग की कार से आए तीन युवक उसकी बेटी से छेड़खानी करने लगे।
बेटी ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसे कार में खींचने का प्रयास किया। एक आरोपी ने उसे फोन कर कहा कि हमने तुम्हारी बेटी को पकड़ लिया है। तुम जंगल में आ जाओ। जिस पर वह परिजन और गांव के लोगों के साथ जंगल पहुंची तो आरोपी बेटी को छोड़कर भाग गए। घटना की रिपोर्ट 11 सितंबर 2016 को दर्ज की गई। पुलिस ने धनारी के गांव दिनौरा निवासी राधेश्याम, धर्मपाल व चंद्रपाल के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की।
विशेष लोक अभियोजक एससीएसटी एक्ट शालिनी ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्याधीश/विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट संभल स्थित चंदौसी रागिनी के न्यायालय में हुई। जहां न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष छह माह के कारावास और तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाने के आदेश भी दिए हैं।