संवाद न्यूज एजेंसी
संभल। एक दशक में पहली बार जिले में गेहूं की सरकारी खरीद सबसे कम हुई है। इससे सरकारी गोदाम खाली रह गए हैं। इसकी वजह गेहूं का कम उत्पादन होना और खुले बाजार में भाव अधिक मिलना बताया जा रहा है। गेहूं खरीद प्रभावित होने से सरकारी राशन वितरण प्रणाली प्रभावित हो सकती है। वहीं, केंद्र सरकार ने अभी से ही मुफ्त राशन योजना में गेहूं की कटौती कर चावल को बढ़ा दिया है।
गेहूं की खरीदारी के लिए इस बार जिले में 64 क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे। संभल जिले में अधिकारियों को 96 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया था लेकिन जनपद में मात्र चार हजार 468 कुंतल की खरीदारी हुई है। इससे विभाग खरीदारी के लक्ष्य से 92 हजार कुंतल पीछे चल रहा है। गेहूं की खरीदारी कम होने से पहले ही सरकार की ओर से मुफ्त राशन योजना में उपभोक्ताओं के गेहूं में कटौती करते हुए जून से उपभोक्ताओं को चावल अधिक दिया जाएगा। ऐसा करके गेहूं की भरपाई की जाएगी। गेहूं की कम खरीदारी होने से आने वाले समय में अन्य खाद्यान्न योजनाओं में भी गेहूं कम किया जा सकता है। अधिकारियों का मानना है कि कम गेहूं की खरीदारी का मुख्य वजह खुले बाजार में सरकारी दाम के मुकाबले अधिक रहना है। सरकार की ओर से 2015 प्रति कुंतल दाम घोषित किया गया था। इसके अलावा 20 रुपये प्रति कुंतल बोनस अलग से घोषणा बाद में की गई थी। इससे किसानों को कुल मिलाकर 2035 रुपये प्रति कुंतल मूल्य गेहूं का सरकारी केंद्रों पर मिला। वहीं, खुले बाजार में 2050 रुपये से लेकर 2200 रुपये प्रति कुंतल तक दाम रहा है। इसके कारण किसानों ने सरकारी केंद्रों की तरफ रुख नहीं किया। सरकार की ओर से जनपद भर में गेहूं की खरीद के लिए 64 क्रय केंद्र खोले गए थे। इनमें से 27 केंद्र तो ऐसे रहे हैं, जिन पर एक भी दाने की खरीद नहीं हो सकी है। यह जो गेहूं खरीदा गया है, वह केवल 37 केंद्रों पर खरीदा गया है।
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3.92 लाख कार्डधारकों से जुड़े 16.60 लाख लाभार्थियों को मिलेगा सिर्फ चावल
संभल। प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) में प्रति यूनिट पांच किलो चावल ही मिलेगा। गेहूं का आवंटन न होने के कारण अब पीएमजीकेवाई में सितंबर तक चावल ही दिया जाएगा। इस संबंध में खाद्य आयुक्त सौरभ बाबू ने आदेश जारी कर दिया है। जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी ने बताया कि गेहूं में कटौती हुई है। सिर्फ चावल ही कार्डधारकों को मिलेगा। इसके लिए चालान जारी हो गए हैं। जनपद में 3.92 लाख राशनकार्डों से जुड़े 16.60 लाख लाभार्थी हैं, जिन्हें चावल का वितरण होना है।
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कोट
खुले बाजार में दाम अधिक रहने से किसानों की ओर से सरकारी केंद्रों पर कम गेहूं बेचा गया है। गेहूं की खरीदारी इस बार कम रही है। अब भी अगर किसी के पास गेहूं है तो 15 जून तक किसान केंद्रों पर जाकर बेच सकते हैं। विजेयता सिंह, डिप्टी आरएमओ, संभल।