संभल। खाद के लिए सुबह ही लाइन में लगने वाले किसानों की कमर ओवररेटिंग भी तोड़ रही है। शनिवार को बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति बी-पैक्स कासमपुर में ओवररेटिंग के खिलाफ किसानों का गुस्सा भड़क उठा। बात बढ़ी तो सचिव समिति कार्यालय बंद करके चले गए। इससे किसानों को समस्या का समाधान मिलने की बजाय मायूसी हाथ लगी।
हंगामा बढ़ने पर समिति के उप सभापति नूर हसन मौके पर आए और किसानों को समझाया तो किसान शांत हुए। उप सभापति ने बताया कि किसानों को समस्या है। इस संबंध में एआर कोऑपरेटिव को पत्र लिखा है। इसमें बताया कि 31 अक्तूबर को समिति पर एनपीके खाद आया था। शनिवार सुबह में इसका वितरण निर्धारित मूल्य 1720 रुपये नहीं, बल्कि ओवररेटिंग करके 1850 रुपये में बेचा जा रहा था।
सचिव से ओवररेटिंग न करने को कहा तो वह अभद्रता करते हुए मौके से चला गया। बताया कि उप सभापति के प्रति अभद्र व्यवहार और ओवररेटिंग के चलते सचिव लाल सिंह के निलंबन की संस्तुति की गई है। सचिव का निलंबन कर पॉस मशीन, बिक्री रजिस्टर व गोदाम का सत्यापन कराने की मांग की गई है। साथ ही इस कार्रवाई के बाद ही गोदाम खुलवाया जाए, ताकि हकीकत सामने आए।
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फसल के लिए जरूरत, किसान परेशान
कासमपुर समिति पर मौजूद किसान दिनेश, गिरिराज सिंह, तेजपाल सिंह, रामवीर, शरीफ, संजीव, सोनू आदि ने बताया कि आलू और गेहूं की फसल लगानी है। अब तक खाद नहीं मिला था। शनिवार को खाद लेने गए तो ओवररेटिंग का सामना करना पड़ा। विरोध किया तो सचिव ने वितरण ही बंद करवा दिया। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में क्या करें, कुछ समझ नहीं आ रहा।
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शिकायत मिलते ही कार्रवाई शुरू कराई है। एडीओ कोऑपरेटिव को जांच सौंपी है। बिना देरी सोमवार को ही जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। जांच में आरोप सही मिले तो कार्रवाई सुनिश्चित है।
-ज्ञानप्रकाश, एआर, कोऑपरेटिव, संभल