चंदौसी। एनकेबीएमजी पीजी कॉलेज में दो माह का मानदेय न मिलने पर आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का तीसरे दिन सोमवार को भी प्राचार्या कक्ष के बाहर धरना जारी रहा। सूचना पर पहुंचीं कॉलेज की अवैतनिक सचिव व पालिकाध्यक्ष लता वार्ष्णेय की कर्मचारियों से वार्ता के बाद प्राचार्या से तीखी नोकझोंक हुई। अंत में अवैतनिक सचिव ने अपने और प्राचार्या के हस्ताक्षर करा कर मानदेय स्वीकृत कराया। इसके बाद कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर दिया।
एनकेबीएमजी कॉलेज में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को पिछले दो माह से मानदेय नहीं मिला है। जिससे वह कार्य बहिष्कार कर तीन दिन से प्राचार्या कक्ष के बाहर धरना दे रहे हैं। सोमवार को दोपहर साढ़े 12 बजे करीब महाविद्यालय की अवैतनिक सचिव पालिकाध्यक्ष लता वार्ष्णेय महाविद्यालय पहुंची और कर्मचारियों से वार्ता कर जानकारी की। अवैतनिक सचिव ने प्राचार्या से वार्ता की। इस बीच दोनों में तीखी नोकझोंक भी हो गई। प्राचार्या व अवैतनिक सचिव ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। अवैतनिक सचिव ने प्राचार्या पर मानहानि का केस करने की बात कह दी।
अवैतनिक सचिव ने कहा कि प्राचार्या ने उन्हें नहीं बताया कि कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं। कहा कि प्राचार्या की ओर से महाविद्यालय में अन्य कर्मचारियों का माह जून का वेतन रोक रखा है। प्राचार्य ने कहा कि कार्यालय के बाबू व एकाउंटेंट सहित अन्य कर्मचारी प्रबंध समिति के इशारे पर कार्य कर रहे हैं। मेरी बात कोई नहीं सुनता। अंत में अवैतनिक सचिव ने मौके पर कर्मचारियों के मानदेय के बिल पर प्राचार्या के हस्ताक्षर कराए और स्वयं भी हस्ताक्षर कराकर मानदेय जारी कर दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी।