संभल। जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट और एएसपी श्रीश्चंद्र के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें जामा मस्जिद कमेटी के सदर कहते दिखाई दे रहे हैं कि मस्जिद की दीवार पर पोस्टर न लगाए जाएं। जबकि एएसपी कह रहे हैं कि यह सार्वजनिक सूचना है और इसको नियमानुसार लगाया गया है। एएसपी यह भी कहते हैं कि यह मस्जिद एएसआई संरक्षित है। इसलिए वहीं के अधिकारियों से बात करें। पुलिस के कार्य में दखलअंदाजी नहीं करें।
शुक्रवार को पुलिस ने 74 उपद्रवियों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए हैं। इसी क्रम में जामा मस्जिद के पिछले हिस्से की दीवार पर भी छह पोस्टर चस्पा किए गए। यह पोस्टर वहां चस्पा किए गए हैं, जहां से 24 नवंबर की सुबह बवाल शुरू हुआ था। इन छह पोस्टर में 74 उपद्रवियों के चेहरे हैं। इन चेहरों की पहचान के लिए पोस्टर लगाए गए हैं। शुक्रवार की रात को ही जामा मस्जिद की दीवार पर पोस्टर लगाने का जामा मस्जिद कमेटी के सदर द्वारा विरोध किया गया था, लेकिन एएसपी ने नियमों का हवाला देते हुए पुलिस कार्रवाई में दखलअंदाजी न करने की चेतावनी दी थी। साथ ही इस नोकझोंक का वीडियो बना रहे दो युवकों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। जिन्हें देर रात पुलिस द्वारा बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया था।
एएसपी और जामा मस्जिद कमेटी के सदर के बीच हुई नोकझोंक का वीडियो वायरल हो रहा है। एएसपी ने बताया कि उपद्रव में 74 आरोपियों के नाम और पते की तस्दीक नहीं हो सकी है। इसलिए सार्वजनिक सूचना चस्पा की गई है। कुछ लोगों के द्वारा विरोध किया जा रहा था। उन्हें सख्ती से हिदायत दी गई है।