संभल। जिला अस्पताल में नेत्र सर्जन की तैनाती को तो कई महीने हो चुके हैं लेकिन आंखों के मरीजों को ऑपरेशन की सुविधा फिलहाल मयस्सर नहीं है। नेत्र सर्जन कहते हैं कि उनके हिसाब की ओटी ही नहीं है। जबकि सीएमएस का कहना है कि वह मशीनें भी मंगवा चुके हैं। अब ओटी को तैयार कराने के लिए शासन को पत्राचार किया जा रहा है।
सवाल उठता है कि इस अव्यवस्था का खामियाजा आम लोगों को क्यों उठाना पड़ रहा है। जहां एक ओर स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत की जानी हैं और शासन की भी प्राथमिकताओं में यह शामिल है। इसके बाद भी मरीजों को ऑपरेशन की सुविधा क्यों नहीं मिल पा रही। मरीजों को हर दिन रेफर कर दिया जाता है।
जिला अस्पताल में हर दिन 100 मरीजों की ओपीडी
नेत्र सर्जन डॉ. राजेश कुमार सिंह करते हैं। जिला अस्पताल में रोजाना सौ लोग आंखों से जुड़ी समस्या के साथ आते हैं। इसमें कई मरीज ऐसे पहुंचते हैं, जिनको आंखों का ऑपरेशन कराने की सलाह दी जाती है। मरीज को मुरादाबाद के मंडलीय अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीज तो यह सुनते ही परेशान हो जाते हैं। क्योंकि जो मरीज दूरदराज इलाके से आते हैं। वह ज्यादा परेशान होते हैं। मजबूरन निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराना पड़ता है या किसी दूसरे सरकारी अस्पताल की दूसरे जिले में खोज करनी पड़ती है। नेत्र सर्जन का कहना है कि ऑपरेशन के लिहाज से मशीनें भी बेहतर नहीं है और ओटी भी नहीं बनी है। इसलिए ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं।
00000000000
नेत्र सर्जन की मांग पर मशीनें तो मंगा ली गई हैं। अब वह ओटी के लिए कह रहे हैं। शासन को कई पत्र भेज दिए गए हैं। ओटी बनाने की अनुमति मिलते ही ओटी बनवाई जाएगी। जिससे मरीजों केा राहत मिल सके।
डॉ. राजेंद्र सैनी, सीएमएस, जिला अस्पताल, संभल