एक पखवाड़ा पूर्व वाहन दुर्घटना में घायल पति की रविवार को मौत हो जाने के बाद ग्रामीण वाहन चालक की गिरफ्तारी न होने से भड़क उठे। ग्रामीणों ने असालतपुर जारई स्थित चंदौसी-कुढ़ फतेहगढ़ मार्ग जाम कर दिया और राज्यमंत्री गुलाब देवी के मौके पर आने की मांग पर वह अड़ गए। न पहुंचने पर भीड़ ने उनके खिलाफ भी नारेबाजी की। एसडीएम-सीओ ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझा-बुझाकर रात दस बजे जाम खुलवाया। करीब चार घंटे के बाद यातायात सामान्य हो सका।
कोतवाली के गांव असालतपुर जारई निवासी प्रेमपाल 11 मार्च को अपनी पत्नी नन्ही के साथ साइकिल से खेत पर जा रहा था। सामने से आ रही पिकप ने जैन साहब के भट्ठे के पास टक्कर मार दी। हादसे में नन्ही की मौके पर ही मौत हो गई। प्रेमपाल गंभीर रूप से घायल हो गया।
परिजनों ने अज्ञात चालक के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शनिवार को घायल प्रेमपाल ने दिल्ली में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस के चालक को गिरफ्तार न करने और दंपती की मौत से परिजनों व ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। जिसको लेकर ग्रामीणों ने रविवार की शाम छह बजे गांव में चंदौसी कुढ़ फतेगढ़ मार्ग पर जाम लगा दिया।
सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी ओमवीर सिंह, क्षेत्राधिकारी ओमकार यादव, तहसीलदार राकेश कुमार समेत थाना चंदौसी, बनियाठेर व कुढ़ फतेहगढ़ पुलिस मौके पर पहुंच गई। काफी समझाने के बाद भी ग्रामीणों ने जाम नहीं खोला।
ग्रामीण मृतक परिवार को मुआवजे व चालक की गिरफ्तारी तथा राज्यमंत्री गुलाब देवी को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। राज्यमंत्री मौके पर नहीं आ सकीं जिससे भीड़ ने उनके खिलाफ भी नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस की गाड़ियों को भी मौके पर जाने से रोक दिया गया। रात दस बजे तक अधिकारियों ने मुआवजा दिलाने, चालक की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाकर जाम खुलवाया।