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मनरेगा मजदूरी के रुपये लेने के लिए मजदूर को ग्राम प्रधानपति ने धमकाया, घपलेबाजी भी खुली

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संभल। मनरेगा कार्यों में कम मजदूरी करने के बाद ज्यादा मजदूरी के रुपये खाते में भेजे जाने का मामला सामने आया है। ग्राम प्रधानपति पर मनरेगा मजदूर को फोन पर धमकाने का आरोप है। इसका ऑडियो भी वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक मनरेगा मजदूर के खाते में कम मजदूरी करने के बाद ज्यादा मजदूरी के रुपये भेजे गए थे। इन्हीं रुपयों को लेकर ग्राम प्रधानपति ने धमकाया। जबकि मनरेगा मजदूर का कहना है कि पूरे महीने के रुपये मांगे जा रहे थे। जितने रुपये ज्यादा मजदूरी के खाते में आए थे वह दे चुका था। खंड विकास अधिकारी ने जांच कराने की बात कही है। डीसी मनरेगा इस मामले में जानकारी देने से बचते रहे। उन्होंने पहले जानकारी करने का हवाला दिया बाद में फोन ही रिसीव नहीं किया। दरअसल यह वायरल हो रहा ऑडियो पवांसा ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत शेरपुर का है। 18 जुलाई का यह ऑडियो बताया जा रहा है। वायरल हुई ऑडियो की जानकारी जब मनरेगा मजदूर शीशपाल से ली गई तो उसने बताया कि जून के महीने में गांव के तालाब पर उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर 22 मजदूरी की थीं। खाते में 213 रुपये प्रति मजदूरी के हिसाब से 30 मजदूरी के 6390 रुपये 12 जुलाई को उसके खाते में पहुंचे थे। मनरेगा मजदूर का कहना है कि उसने आठ मजदूरी के 1704 रुपये ग्राम प्रधानपति के खाते में ट्रांसफर करा दिए थे। आरोप है कि ग्राम प्रधानपति 22 मजदूरी के रुपये भी मांगने लगे और कहा कि अगली जो मजदूरी रहेंगी उनके वह रुपये नहीं लेंगे। इसी बात पर विवाद हुआ। और उन्होंने फोन पर धमकाया। ग्राम प्रधानपति से जब इस बारे में जानकारी करनी चाही तो वह जवाब नहीं दे सके। गांव के रोजगार सेवक ताराचंद्र का कहना है कि जिस युवक की ऑडियो वायरल हो रही है उसका प्रधान से क्या विवाद हुआ है इसकी जानकारी नहीं है। युवक और उसकी पत्नी के नाम की मनरेगा कार्य में 30 हाजिरी थीं। उसके अनुसार ही उसके खाते में रुपये भेजे गए हैं। वहीं दूसरी ओर गांव में चर्चा है कि ग्राम प्रधान पति और मनरेगा मजदूर के बीच समझौता हो गया है।
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ऑडियो वायरल होने की जानकारी मिली है, लेकिन यह विवाद क्या है इसकी जानकारी नहीं है। गांव में तालाब का कार्य जून के महीने में किया गया था। जिसका भुगतान जुलाई में हुआ है।
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सुहेल खान, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत शेरपुर।
ऑडियो की जानकारी नहीं है। यदि मनरेगा कार्य में गड़बड़ी की गई है तो टीम गठित कर जांच कराई जाएगी। जो दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
रिजवान हुसैन, खंड विकास अधिकारी, पवांसा।
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