जुनावई ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय के 232 छात्रों के मध्याह्न भोजन के खाद्यान्न को ग्राम प्रधान ने हजम कर लिया। दिसंबर 2021 में तीन माह का करीब 37 क्विंटल राशन का उठान राशन विक्रेता की दुकान से कर लिया और छात्रों को एक दाना भी नहीं बांटा। अब स्कूल प्रधानाचार्य ने खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर मामले की शिकायत की है।
जुनावई ब्लॉक के गांव सिंघोला पुख्ता के कंपोजिट विद्यालय में 232 छात्र पंजीकृत हैं। इनमें प्राथमिक कक्षाओं में 103 व उच्च प्राथमिक कक्षाओं में 129 छात्र शामिल हैं। कोरोना संक्रमण के चलते सभी विद्यालय बंद हो गए। परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे मील बनना बंद होने पर शासन ने सूखा खाद्यान्न छात्रों को बांटने के निर्देश दिए थे। अक्तूबर से दिसंबर 2021 तीन माह के खाद्यान्न (गेहूं व चावल) को ग्राम प्रधान ने राशन डीलर की दुकान से चार दिसंबर को उठान कर लिया था। इसमें करीब 12.40 क्विंटल गेहूं और 24.80 क्विंटल चावल शामिल था। आरोप है कि ग्राम प्रधान ने राशन छात्रों को वितरण नहीं किया। अब करीब सात माह बाद स्कूल के प्रधानाचार्य राजकुमार गुप्ता ने तीन अगस्त 2022 को खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर छात्रों का खाद्यान्न दिलाने की मांग की है। प्रधानाचार्य दिसंबर के बाद जनवरी और फरवरी माह के खाद्यान्न के वितरण का दावा कर रहे हैं।
सात माह से प्रधानाचार्य नहीं किया जिक्र, अब अचानक की शिकायत
पिछले सात माह से छात्रों का खाद्यान्न ग्राम प्रधान दबाए बैठे हैं लेकिन प्रधानाचार्य ने किसी से कोई शिकायत नहीं की और न ही खाद्यान्न दिलाने को कहा। अब अचानक प्रधानाचार्य द्वारा शिकायत करना किसी के गले नहीं उतर रहा।
सिंघोला पुख्ता में ग्राम प्रधान के द्वारा राशन रिसीव कर छात्रों को न बांटने का मामला आपके द्वारा मेरे संज्ञान में आया है। हर बार की मीटिंग में प्रधानाचार्यों से भी इस विषय में जानकारी की जाती थी लेकिन किसी ने कोई शिकायत नहीं की थी। इस मामले में स्वयं जांच करूंगा और छात्रों का खाद्यान्न उन्हें बंटवाया जाएगा।
अरुण कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, जुनावई
राशन डीलर ने हमें 37 क्विंटल में से 34 क्विंटल खाद्यान्न दिया था। तीन क्विंटल खाद्यान्न खर्च में आने की बात कही थी। खाद्यान्न किस चीज का था, यह भी नहीं बताया था। स्कूल खुलने के बाद से ही लगातार बच्चे इसी में से मिड-डे मील खा रहे हैं। 15 दिन पहले खंड शिक्षा अधिकारी ने इस बाबत पूछा था तो मैंने पूरी सही-सही जानकारी दी थी। यदि खाद्यान्न बच्चों का था तो उन्हें बंटवाया जाएगा।
ओवेंद्र कुमार, ग्राम प्रधान सिंघोला पुख्ता