जुनावई। धान की बोआई के बाद से अच्छी बारिश होने से किसान बेहद खुश था। उम्मीद थी कि इस बार सिंचाई का खर्च बचेगा और फसल बंपर होगी। खेतों में फसल लहलहा भी उठी लेकिन जिसका डर था वही हुआ। जब मेहनत का फल काटने की बारी आई तो बारिश कहर बनकर टूट पड़ी। बारिश में सिर्फ फसल ही नहीं, किसानों के सपने भी डूब गए। अब किसान चिंता में डूबे हैं।
क्षेत्र में शुक्रवार रात से तेज हवा के साथ शुरू हुई बारिश पिछले 18 घंटे से जारी है। बारिश ने किसानों की सारी उम्मीदें तोड़ दी हैं। तेज हवा के कारण पक कर तैयार खड़ी धान की फसल जमीन पर बिछ गई है। जिन किसानों ने फसल काटकर खेत में रखी थी, वह भीग कर खराब हो रही है। खेतों में पानी भर गया है। अगर यही हाल रहा तो दाना काला पड़ जाएगा, सड़ने लगेगा और मंडी में औने-पौने दाम पर बिकेगा। फिलहाल किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश रुकने की प्रार्थना कर रहा है।