यही नहीं बेईमान व्यवस्था पशुओं को सूखा भूसा खिला रही है और हरे चारे के लिए मिलने वाली धनराशि का गबन किया जा रहा है, इसका खुलासा 11 मई को गुन्नौर की अशदपुर गोशाला में सीडीओ की जांच में हो चुका है।
जिले में 116 गोशालाएं हैं। इसमें दो स्थायी हैं और 114 अस्थायी हैं। इन गोशालाओं में कई हजार गोवंशीय पशु संरक्षित हैं। बृहस्पतिवार को इन गोशालाओं की स्थिति जानी तो अव्यवस्थाएं हावी मिलीं। कहीं पशु सूखा भूसा खाते मिले तो कहीं धूप में बैठे मिले। गोशालाओं में पशुओं को साफ पानी भी मयस्सर नहीं हो पा रहा है। इससे भीषण गर्मी में पशुओं का बीमार होना आम बात हो गई है। गोश्ाालाओं में अव्यवस्थ्ााओं से पशु बीमार ही नहीं हो रहे बल्कि उनकी मौत भी हो रही है और जिम्मेदार औपचारिकताएं पूरी करने में लगे हैं।