एक ओर पितृपक्ष में पुत्र पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध और दानपुण्य करते हैं लेकिन कलयुग में एक पुत्र ऐसा भी निकला जो मां के अंतिम दर्शन तक को नहीं पहुंचा। दिन में तीन बजे तक नहीं पहुंचने पर वृद्धा के भतीजे से अंतिम संस्कार किया। इस संबंध में वार्डन नीता कुशवाहा ने बताया कि वृद्धा की सोमवार की सुबह सवा सात बजे मौत हो गई। घटना की सूचना जिला समाज कल्याण विभाग को दे दी गई है।
हयातनगर क्षेत्र के एक वृद्धाश्रम में सोमवार सुबह सवा सात बजे 90 वर्षीय महिला की मौत हो गई। वह तीन माह से वृद्धाश्रम में रह रही थी। वार्डन अधीक्षक ने वृद्धा की मौत की जानकारी जिला समाज कल्याण अधिकारी को दी। वहीं उसके पुत्र और पुत्री को भी सूचना दी गई। लोगों की मानें तो गुरबत में जीवन बिता रहा पुत्र वृद्धाश्रम नहीं पहुंचा लेकिन पुत्री अपने पति के साथ मां का शव लेने पहुंच गई। कई घंटे तक इंतजार करने के बाद भी जब पुत्र मां के अंतिम दर्शन को भी नहीं पहुंचा तो भतीजे ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया।