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Sambhal News: वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधानपूर्वक हुआ मौन साधना का समापन

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संभल। शारदीय नवरात्र की महानवमी पर सोमवार को ऐंचोड़ा कंबोह स्थित श्री कल्कि धाम में मां सिद्धिदात्री की विशेष आराधना की गई। आचार्य प्रमोद कृष्णम की नौ दिवसीय मौन साधना का समापन हुआ।
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यह समापन वैदिक मंत्रोच्चार और पूर्ण विधि-विधान के साथ किया गया। जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणी नंदगिरि महाराज इस दिव्य अनुष्ठान के मुख्य साक्षी बने। वैदिक विद्वानों ने वेदमंत्रों का पाठ किया। स्वाहा के उद्घोष के बीच आचार्य प्रमोद कृष्णम और स्वामी चक्रपाणी ने हवन कुंड में आहुतियां अर्पित कीं।
कल्कि धाम प्रबंधन ने बताया कि आचार्य प्रमोद कृष्णम ने नौ दिनों का मौन व्रत धारण किया था। यह व्रत लोक-कल्याण और श्री कल्कि धाम की संकल्पना को सिद्ध करने के लिए था। महानवमी के शुभ मुहूर्त पर उन्होंने अपनी साधना को विराम दिया। इस अवसर पर सनातन परंपरा के तहत कन्या पूजन किया गया। कन्याओं को श्रद्धापूर्वक हलवा, पूरी और चने का महाप्रसाद ग्रहण कराया गया।
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सनातनी शक्तियों का एक मंच पर आना जरूरी
स्वामी चक्रपाणी ने सनातन धर्म की एकजुटता पर बल दिया। उन्होंने कहा, राष्ट्र के कल्याण और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिए सभी सनातनी शक्तियों का एक मंच पर आना अनिवार्य है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, श्री कल्कि धाम करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था, विश्वास और भगवान श्री कल्कि के आगमन से जुड़ी आध्यात्मिक आशाओं का केंद्र है। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी हरमनोजदास, महामंडलेश्वर स्वामी कल्याण देव, भाजपा के जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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