रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर खागी में हुई महिला की हत्या के आरोपी पति और देवर को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पति ने पूछताछ में बताया कि उसकी पत्नी बीमार थी और इसी दौरान पानी में जहर मिलाकर दवा बताकर पिला दिया था। मौत होने पर घर के पीछे गड्ढा खोदकर दबाया था। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जहां से जेल भेज दिया है। आरोपी सास और ससुर की पुलिस तलाश कर रही है।
मार्च 2022 में होली से पहले गांव सिकंदरपुर खागी निवासी प्रमोद ने अपनी पत्नी सरोज (26) की हत्या कर शव घर के पिछले हिस्से में दबा दिया था। बृहस्पतिवार को इस हत्या के बारे में पुलिस को जानकारी महिला के पिता गांव शाहजनाबाद निवासी रघुनाथ ने दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर खुदाई कराई तो कंकाल बरामद हुआ। शुक्रवार को महिला की हत्या के आरोपी पति और देवर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि सरोज का पड़ोसी गांव निवासी युवक से प्रेम प्रसंग था। इसका कई बार विरोध किया था लेकिन वह मानी नहीं और लगातार युवक से मिलती रही। मार्च के महीने में ही प्रेमी के साथ चली गई थी। कुछ दिन बाद लौटी तो बीमार हो गई। प्रेम प्रसंग से पूरा परिवार खफा था। होली से पहले पानी में जहर मिलाया और दवाई बताकर पिला दी। जहर पीने से जब मौत हो गई तो रात के समय गड्ढा खोदकर दबा दिया था। रजपुरा थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि महिला के पति प्रमोद और देवर शीशपाल गिरफ्तार कर लिए गए हैं। जिन्हें न्यायालय ने जेल भेज दिया है। आरोपी सास सरिता और ससुर रमेश भागे हुए हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
सरोज बीमार नहीं थी उसको पीटकर घायल किया गया था। उपचार भी नहीं कराया गया था। यह जानकारी गांव में आम है। अब जहर देकर मारने वाली बात पर ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि सरोज के साथ बेरहमी से पिटाई की गई थी। शरीर पर कई गंभीर चोट थीं। चल नहीं पाती थी। इसी दौरान जहर देकर हत्या की गई। प्रेम प्रसंग से खफा होकर यह सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया है।
सरोज का गुनाह बस अपने प्रेमी के साथ जाने का था। इससे ही वह इतनी बदनाम हो गई कि मायके वाले भी किनारा कर गए थे। बाद में जब हत्या कर प्रेमी के साथ जाने की बात आरोपी पति और ससुरालियों ने लोगों को बताई तो सभी ने यकीन कर लिया। किसी ने भी सरोज को लेकर दोबारा नहीं सोचा। यही कारण था कि शव सात महीने आरोपी पति के घर के पिछले हिस्से में दबा रहा। कहा जाता है कि गुनाह कितना भी शातिर पन से किया गया हो वह खुलता जरूर है। यह कहावत सरोज हत्याकांड खुुलासे में चरितार्थ हुई है। जिस सरोज को लोग प्रेमी के साथ जाने की जानकारी के बाद भूल गए थे अब वह कंकाल बनकर जमीन से निकली तो सभी के जुबान पर है।