किरारी गांव में विकास कार्यों की जांच को पहुंची टीम को सचिव ने अभिलेख उपलब्ध नहीं कराएं। कई घंटे इंतजार के बाद टीम बिना जांच के लौट गई।
मालूम हो कि गांव के निवासी आंगन सिंह ने मनरेगा योजना के अंतर्गत आजादी के अमृत महोत्सव को लेकर गांव में बनाए जा रहे हैं। अमृत सरोवर तालाब पर मजदूरों से कार्य नहीं कराने आदि को लेकर शिकायत की थी। कहा था कि तालाब बनाने में जेसीबी से एक कार्य कराया गया। गांव के खरंजे की पुरानी ईंटों को प्रधान अपने घर ले गए। सीसी टाइल्स का कार्य भी घटिया सामग्री से किया गया है। मनरेगा योजना में बिना कार्य करे ही परिजनों के खाते में पैसे डाल कर निकाले जाते हैं। गांव में जो फर्जी स्वयं सहायता समूह बना लिए गए हैं, इनका गलत इस्तेमाल हो रहा है। विकास कार्यों में धांधली की जा रही है। इसी को लेकर डीएम ने जांच कमेटी बनाई थी। यह जांच कमेटी मंगलवार को जांच के लिए बहजोई के गांव किरारी पहुंची। मौके पर सचिव ने अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए। कई घंटे इंतजार के बाद जांच अधिकारी लौट गए।