नगर पालिका चंदौसी का ट्रेंचिंग ग्राउंड का मार्ग अवरूद होने से दो दिन से शहर के कूड़े का उठान नहीं हुआ है। गली मोहल्ले में फैले कूड़े से बदबू के चलते लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। सोमवार को ट्रेंचिंग ग्राउंड का मार्ग अवरुद्ध होने पर कूड़े से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली वापस लौट आई तथा स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। पर पालिका ने कूड़ा उठान व निस्तारण को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चंदौसी शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन और शहर से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी टैरियर यूटिलिटी प्राइवेट सर्विसेज लिमिटेड कंपनी को दी गई है। रोजाना करीब 62.5 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। शहर का कूड़ा गांव कैथल क्षेत्र में बने ट्रेंचिंग ग्राउंड में डाला जा रहा है। ट्रेंचिंग ग्राउंड के पास आधा रास्ता कच्चा है। लगातार बारिश से रास्ते में कीचड़ बन गया तथा खंड़जा भी कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया। सोमवार को पालिका के ट्रैक्टर ट्रॉली कूड़ा लेकर पहुंचे, रास्ता खराब होने के कारण कूड़े लदे वाहन वापस आ गए। सोमवार को भी कूड़े का उठान नहीं हुआ।
कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था न होने और वाहनों के कूड़े से लदे होने के कारण मंगलवार को भी सफाई व्यवस्था ठप रही। संभल रोड, गोशाला रोड, स्टेशन रोड़ पंजाबी कॉलोनी, सेल टैक्स आफिस के पास, मोहल्ला कागजी में ग्रीश चंद्र प्राथमिक विद्यालय के पास, लक्ष्मण गंज सलीम की पुलिया, आवास विकास जिला न्यायालय के बाहर सहित शहर के प्रमुख चौराहे, गली मोहल्ले पर दो दिन से कूड़ा पड़ा है। गंदगी के चलते लोगों का इन स्थानों से गुजरना दूभर हो गया है। लोग परेशान हैं, पर कोई समाधान अभी दिखाई नहीं दे रहा है।
सड़क किनारे कूड़ा डालने से ग्रामीण परेशान
चंदौसी। सोमवार को गांव कैथल निवासी पुष्पेंद्र सिंह, सत्यभान, विरेंद्र कुमार, विपिन, सतीश, राजू, धीरज सिंह, योगेंद्र सिंह, जितेंद्र, भीकम सिंह, दशपाल, कड़ेराम, जयहिंद, राकेश, होतीलाल, कृपाल, गुड्डू आदि का आरोप है कि उनके आसपास हैं। पालिका ने पहले रास्ते में कूड़ा डाल दिया। कूड़े की बदबू के चलते खेतों में काम करना दूभर हो गया है। ट्रेचिंग ग्राउंड का करीब एक किलोमीटर का मार्ग भारी वाहनों से खराब हो गया है। जंगल जाने के लिए कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। संवाद
संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा
लगातार कई दिन तक बारिश हुई है। जगह जगह जलभराव है। दो से पड़े कूड़े में भी बारिश हुई है। इससे अधिक सड़न पैदा हो रही है। मौसम भी बदल रहा है। कूड़े की सड़न से संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है, पर अधिकारी व जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।