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Sambhal News: जिसका भाई समझकर कर दिया था अंतिम संस्कार, वह 19 दिन बाद मिला जिंदा

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बहजोई(संभल)। 19 दिन पहले जिस सुशील को मरा हुआ समझकर परिजनों ने अंतिम संस्कार किया था वह मंगलवार को बहजोई में जिंदा घूमता हुआ मिला। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो वह सुशील ही निकला और इसकी पुष्टि सुशील की बहन विमला ने की। वह बदायूं के इस्लामनगर में रहती हैं। वह भी अपने भाई को जिंदा देखकर खुशी से रो पड़ीं।
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पुलिस ने सुशील को तो बहन को सुपुर्द कर दिया और अब पुलिस उस शव की शिनाख्त कराने में जुटी है जो 19 दिन पहले मिला था। मामला हत्या से जुड़ा है इसलिए पुलिस की परेशानी बढ़ गई है। परिजन सुशील की तेरहवीं भी कर चुके हैं। कोतवाली प्रभारी संत कुमार ने बताया कि जिस युवक को मरा समझकर परिजनों ने पहचान की थी वह जिंदा है और जो शव मिला था वह किसी अन्य व्यक्ति का है। अब उसकी पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज है।
24 दिसंबर की सुबह को बहजोई में चांदनी चौक मार्केट में निर्माणाधीन दुकान में सिर कुचला हुआ शव मिला था। पुलिस ने शव की पहचान कराने का प्रयास किया तो उत्तराखंड के काशीपुर निवासी अनिल ने अपने भाई सुशील के रूप में पहचान की थी। साथ ही पुलिस को बताया था कि उनका भाई अविवाहित था और वह बहजोई में ही रहता था। साथ ही बताया था कि वह इधर उधर घूमता रहता था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को अनिल को सुपुर्द कर दिया था। साथ ही अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस इस घटना के खुलासे में लगी थी।
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मंगलवार को जब शहर में सुशील के घूमने की जानकारी पुलिस तक पहुंची तो सुशील को थाने लाया गया। उसने बताया कि वह तो इधर उधर घूमता रहता है। सुशील की पुष्टि के लिए परिवार के लोगों से संपर्क किया। तो उन्होंने भी पुष्टि कर दी। अनिल ने बताया कि बहजोई में अंतिम संस्कार किया था और बाद में तेरहवीं कर दी थी। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि फिलहाल सुशील को उसकी बहन को सुपुर्द कर दिया है। शव किसका था अब इसकी छानबीन के लिए टीम को लगाया जाएगा।
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बड़ा भाई बोला, सुशील जिंदा मिला यह बड़ी खुशी
सुशील को परिवार ने मरा हुआ इसलिए मान लिया था क्योंकि वह अंतिम संस्कार कर चुके थे। सिर कुचलकर हत्या की गई थी और शव का पोस्टमार्टम हुआ तो पहचान करना मुश्किल हो गया था। सुशील के भाई अनिल ने बताया कि शव जो मिला था उसकी ज्यादातर पहचान उनके भाई से मिलती थीं। हाथ पर टैटू गुदा हुआ था। शरीर भी इसी तरह का था। सिर कुचला होने के चलते चेहरा ज्यादा सही नहीं दिख रहा था। इन सभी निशानी को देखते हुए मान लिया था कि यह शव सुशील का है। अनिल ने बताया कि अंतिम संस्कार और तेरहवीं में करीब 15 हजार रुपये भी खर्च किए थे। अब भाई जिंदा मिला है तो खुशी की बात है।
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पुलिस अब हत्या का खुलासा करने के साथ शव की पहचान कराने में जुटी

पुलिस तो सुशील की हत्या मानकर छानबीन कर रही थी। अब पुलिस के सामने यह नया मोड़ आ गया है। हत्या की रिपोर्ट दर्ज है लेकिन जिसकी हत्या हुई है उसकी पहचान नहीं हो पाई है। जिसका शव समझकर कार्रवाई आगे बढ़ी है वह जिंदा मिला है। पुलिस की विवेचना भी अब उलझ गई है। पुलिस के अधिकारियों ने हत्या का खुलासा करने के लिए सर्विलांस टीम को लगाने के साथ सीसीटीवी कैमरों को खंगलवाया है। अब पुलिस इस छानबीन के साथ शव की पहचान कराने के लिए प्रयास करेगी।
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