गुन्नौर (संभल)। सीएससी गुन्नौर की मेटरनिटी विंग में प्रसूताओं को सुविधाओं के अभाव में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करीब दो वर्ष से बंद लिफ्ट की वजह से प्रसूताओं और विकलांग मरीजों को दिक्कत होती है। लिफ्ट बंद होने पर गर्भवतियों को सीढ़ियों और रैंप का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं रैंप पर कर्मचारियों के खड़े दो पहिया वाहनों से रास्ता अवरुद्ध रहता है।
गुन्नौर सीएचसी में करीब 2.76 करोड़ की लागत से 30 शैय्या मेटरनिटी विंग का निर्माण किया गया था। इसके प्रथम तल पर प्रसव कक्ष, पोस्ट नेटल वार्ड, मिनी स्किल लैब व किचन की व्यवस्था है जबकि दूसरे तल पर ऑपरेशन थियेटर, मदर न्यू बॉर्न चाइल्ड केयर यूनिट और जर्नल वार्ड है।
यहां प्रसूताओं व तीमारदारों की सुविधा के लिए लगाई गई लिफ्ट बीते दो वर्ष से बंद पड़ी है। लिफ्ट बंद होने के कारण मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर से सीढ़ियों पर ले जाना मजबूरी बन गया है। स्थिति और भी बदतर तब हो जाती है, जब अस्पताल स्टाफ के कर्मचारी अपने वाहन रैंप पर खड़े कर देते हैं या वहां सामान फैला देते हैं। ऐसे में मजबूरी में प्रसूताओं को सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है। आलम ये है कि दूसरे तल पर सर्जरी विभाग में गंभीर मरीज भर्ती किए जाते हैं। लापरवाही के चलते उन्हें व्हीलचेयर से ले जाना मजबूरी हो गया है। तीमारदारों का कहना है कि जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।