संभल। कारतूस की बिक्री और खोखा वापसी में अनदेखी को लेकर जिलाधिकारी गंभीर हैं। जांच गंभीरता से कराई जा रही है और नोटिस से सभी शस्त्र दुकानों से जवाब तलब किया गया है।
इस जांच के दौरान ऐसे भी तथ्य सामने आए हैं कि लाइसेंसी शस्त्र जमा होने के बाद भी कारतूस की बिक्री की गई। ऐसे लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा और आगे की कार्रवाई होगी। सूत्रों के अनुसार ऐसा करने वाले लाइसेंस धारियों के लाइसेंस निरस्त की कार्रवाई की जाएगी। दरअसल शासन के आदेश के बाद यह जांच की जा रही है।
बदायूं की तहसील बिसौली अंतर्गत गांव जरैडा निवासी जितेंद्र कुमार शर्मा पुत्र रामकिशोर शर्मा ने शासन में शिकायत की थी कि संभल जिले में कारतूस नियमों के विरूद्ध बिक रहे हैं। कारतूस खोखो की वापसी में अनदेखी हो रहा है। शिकायतकर्ता ने आरटीआई का हवाला दिया था कि उन्होंने 2015 से 2020 तक बिके कारतूस के खोखो की जानकारी मांगी थी। शस्त्र लिपिक ने कुल 45500 खोखे जमा होने की जानकारी दी। जबकि यह संख्या कई गुना होनी चाहिए। शिकायतकर्ता का कहना था करीब डेढ़ से दो लाख कारतूस खोखे होने चाहिए थे। क्योंकि जिले के दस आर्म्स स्टोर से प्रत्येक वर्ष 40-50 हजार कारतूस बिकता है। इसमें 80 प्रतिशत खोखे की वापसी का नियम हैं।
इसी शिकायत पर शासन ने संज्ञान लिया और जिलाधिकारी को 31 मई को पत्र भेजकर जांच के आदेश कर दिए। इसी क्रम में जांच की जा रही है। जांच के दौरान अधिकारियों को कुछ ऐसे तथ्य मिले हैं। जिसमें शस्त्र जमा होने के बाद भी कारतूस की खरीद हुई है। आगे की जांच अभी जारी है।