अधिवक्ता के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर मंगलवार को भी तहसील बार एसोसिएशन का अनशन जारी रहा। तहसील गेट पर बैठे वकीलों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन तेज करने की हुंकार भरी। साथ ही कार्रवाई न होने पर अनशन जारी रखने की चेतावनी दी। हालांकि, एसडीएम के आश्वासन के बाद वकीलों ने अनशन और एक जनवरी से शुरू होने वाला आंदोलन स्थगित कर दिया।
मंगलवार सुबह 10 बजे से तहसील बार एसोसिएशन के नेतृत्व में वकील शीशपाल सिंह, मोहम्मद खालिद, चिरंजी लाल राणा, राज कुमार यादव, संजीव कुमार तहसील गेट पर अनशन पर बैठे गए। शाम पांच बजे अनशन जारी रहा। पूर्व बार अध्यक्ष दिनेश यादव ने कहा कि 18 दिसंबर की सुबह बहजोई में वकील सत्यपाल सिंह राणा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस अभी तक हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। जिससे वकीलों में रोष है। उन्होंने जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी सजा दिलाए जाने की मांग की है। साथ ही वकील के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, सरकारी सहानुभूति राशि एक करोड़ रुपये दिलाए जाने की भी मांग उठाई।
अधिवक्ताओं की सुरक्षा को प्रदेश में अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए। इस दौरान बार अध्यक्ष मुकेश पाल सिंह, सचिव अरविंद कुमार गुप्ता, महेश चंद्र वार्ष्णेय, अशोक कुमार गुप्ता, रामगोपाल सैनी, छत्रपाल सिंह यादव, आमिर हुसैन, ओमप्रकाश राव, राजेश कुमार, तारिक अनवर मौजूद रहे।
तीन दिन के लिए आंदोलन स्थगित
तहसील गेट पर चल रहे तहसील बार एसोसिएशन के अनशन के दौरान मंगलवार को वकीलों की बैठक हुई। जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एसडीएम के अनुसार पुलिस ने अधिवक्ता साथी के हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसडीएम के आश्वासन पर एक जनवरी से होने वाले तहसील न्यायालय व रजिस्ट्री कार्यालय की तालाबंदी का आंदोलन तीन दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है।