संभल। बुलंदशहर जिले की सीमा पर हत्यारों ने शवों का डंपिंग ग्राउंड बना लिया है। तीन बार ऐसा हुआ है जब दो-दो शव एक साथ मिले हैं। 2018 में बिहार निवासी ट्रक चालक और परिचालक का शव बरामद होने पर रजपुरा थाने की टी-प्वाइंट पुलिस चौकी बनाई गई थी।
टी-प्वाइंट पुलिस चौकी को स्थापित करने का मकसद हत्यारों के लिए जिले की सीमा शव डालने के लिए डंपिंग ग्राउंड बनने से रोकना था लेकिन पुलिस चौकी बनने के बाद भी दूसरे जिलों के शव मिलना बंद नहीं हुआ है। पिछले माह सात सितंबर को ही दो हत्याएं कर शव फेंके गए थे। बाद में पुलिस ने खुलासा किया था।
शनिवार को बुलंदशहर में हत्याएं कर दो चचेर भाइयों के शव इस इलाके में फेेंके गए। पहला शव रविवार को मिला था और दूसरा शव मंगलवार की सुबह मिला है। रजपुरा थाने के प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि पहला शव मिलने पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस एफआईआर को ट्रांसफर करना है या खत्म करना है। इसके लिए अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। क्योंकि अपहरण और हत्या का मुकदमा बुलंदशहर जिले में भी लिखा हुआ है।
49 घंटे बाद 600 मीटर की दूरी पर मिली दूसरी सिरकटी लाश
संभल। रविवार की दोपहर तीन बजे बुलंदशहर के थाना सलेमपुर अंतर्गत गांव कैलावन निवासी जगदीश उर्फ भूरा (18) की सिरकटी लाश मिलने के बाद यदि सिर की ठीक से तलाश की जाती तो दूसरी लाश भी उसी दिन मिल सकती थी।
पुलिस ने पहली सिर कटी लाश मिलने पर दावा किया था कि काफी तलाश करने पर सिर नहीं मिला। मंगलवार की तड़के चार बजे दूसरी सिर कटी लाश मिली। उसकी शिनाख्त जगदीश उर्फ भूरा के चचेरे भाई भूपेंद्र उर्फ भोलू (21) के रूप में हुई। यह शव बुलंदशहर पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बरामद किया है। इन दोनों शवों के बीच की दूरी करीब 600 मीटर है। इतनी ही दूरी पर करीब रजपुरा थाने की टी-प्वाइंट पुलिस चौकी भी स्थित है।
गौर करने वाली बात यह है कि यह दोनों ही शव 600 मीटर के दायरे में मिले हैं। जबकि पहला शव मिलने के बाद संभल जिले के थाना रजपुरा पुलिस ने सिर तलाश करने का दावा किया था। अब सवाल यह उठता है कि जब पुलिस ने सिर तलाश किया तो शव क्यों नहीं मिला। पुलिस की तलाश औपचारिक मानी जा रही है।
यदि गहनता से आसपास तलाश की गई होती तो दूसरा शव भी रविवार की दोपहर ही बरामद किया जा सकता था। 49 घंटे बाद बुलंदशहर पुलिस को तलाश करना नहीं पड़ता। रजपुरा थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम संभल में कराया गया है लेकिन वारदात का खुलासा जिला बुलंदशहर पुलिस ने किया है।
पैसे मत देती, मेरे बेटे को तो छोड़ देती
..अरे मेरे पैसे मत देती लेकिन मेरे बेटे को तो छोड़ देती। उसने किसी का क्या बिगाड़ा था। ये बातें मंगलवार देर शाम कैलावन में मृतक जगदीश की मां बिलखते हुए कह रही थी। सभी परिजन रो-रोकर बेहाल थे। बताया गया कि आरोपी महिला लता जगदीश के घर से दूध लाती थी, जिसकी उधारी भी उस पर है।
दोनों का हुआ अंतिम संस्कार
वारदात के बाद से गांव सन्नाटा पसरा हुआ है। संभल जनपद से पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब छह बजे मृतक युवक भूपेंद्र और जगदीश के शव गांव पहुंचे। शवों की हालत खराब होने के चलते उन्हें एंबुलेंस से नीचे नहीं उतारा। परिजनों को अंतिम दर्शन कराने के बाद शव सीधे एंबुलेंस से ही श्मशान ले जाए गए। वहां उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।