कोतवाली क्षेत्र से गुजर रहे कांवड़ियों से डीजे की आवाज कम करने और डीसीएम में अंदर बैठने की बात पर वह भड़क गए। इस दौरान करीब पांच मिनट तक पुलिसकर्मियों से बहस होने लगी। बाद में कोतवाल ने कांवड़ियों को समझा-बुझाकर शांत किया जिसके बाद वह अपनी मंजिल की ओर चले गए।
सावन माह में गंगाघाटों से जल भरकर लाने के लिए जत्थों के जाने का सिलसिला तेज हो गया है। रविवार को सूर्यकुंड तीर्थ मंदिर से एक जत्था रवाना हुआ। इसमें पचास से साठ कांवड़िये शामिल थे। यह जत्था मुख्य बाजार होते हुए मोहल्ला ठेर से गुजर रहा था। इसी दौरान कोतवाल ओमकार सिंह पहुंचे और डीजे की आवाज को कम करने और डीसीएम के ऊपर बैठे कांवड़ियों से भी नीचे बैठकर सफर करने को कहा। इस पर कांवड़िये नाराज हो गए और पुलिस से बहस करने लगे। करीब पांच मिनट तक बहस होती रही। बाद में कोतवाल के समझाने पर कांवड़िये माने गए और मंजिल की ओर चले गए।
कोतवाल ओमकार सिंह ने बताया कि डीजे की आवाज तेज थी और कांवड़िये ऊपर बैठकर सफर कर रहे थे। इससे हादसे का अंदेशा था। आवाज कम करने और अंदर बैठकर सफर करने को कहा तो कांवड़िये नाराज हो गए थे। बाद में समझाने पर मान भी गए।