चंदौसी। पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस नेता जयराम रमेश पर सनातन धर्म और हिंदू देवी-देवताओं पर दिए गए विवादित बयान के मामले में सिविल जज सीनियर डिवीजन विशेष न्यायाधीश एमपी एमएल कोर्ट आदित्य सिंह के न्यायालय में दायर की गई याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होनी थी। न्यायालय ने सुनवाई के लिए छह अक्तूबर की तारीख नियत कर दी है।
बहजोई के रहने वाले सिमरन गुप्ता ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि दो जुलाई 2026 को टीवी समाचार चैनलों और सोशल मीडिया के माध्यम से जयराम रमेश का एक बयान सामने आया था। जिसमें जयराम रमेश ने अपने बयान में सनातन धर्म के त्रिदेवों भगवान ब्रह्मा, विष्णु और भगवान शिव की तुलना महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और मोहम्मद अली जिन्ना जैसे राजनीतिज्ञों से की है। इस तरह के बयान से सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म का घोर अपमान हुआ है। यह बयान देश की एकता, अखंडता को प्रभावित करने और जनता को उकसा कर सांप्रदायिक माहौल खराब करने व दंगे भड़काने की नीयत से दिया गया था, जिससे करोड़ों सनातन धर्म के अनुयायियों और श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। सिमरन गुप्ता ने बताया कि न्यायालय ने अगली तारीख छह अक्तूबर नियत कर दी है।