चंदौसी। संभल की जामा मस्जिद के नजदीक कब्रिस्तान की भूमि पर निर्माण के मामले में अब 23 मार्च को सुनवाई होगी। इस मामले में नगर पालिका ने जवाब दाखिल किया है। जिसमें कहा गया है कि उक्त भूमि वक्फ बोर्ड की संपत्ति नहीं है और ना ही निजी संपत्ति है, बल्कि श्रेणी 15/3 की भूमि है।
प्रशासन से शाही जामा मस्जिद के नजदीक स्थित कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जा कर दुकान और मकानों का निर्माण कराए जाने की शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद राजस्व विभाग ने 27 कर्मचारियों की टीम बना कर जांच कराई थी। टीम ने 30 दिसंबर को कब्रिस्तान की करीब आठ बीघा भूमि की पैमाइश की थी। जांच में 22 दुकानों और मकानों को चिह्नित किया गया था।
इसके बाद तहसीलदार न्यायालय की ओर से नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद दूसरा पक्ष हाईकोर्ट पहुंच गया था, लेकिन वहां से उन्हें तहसीलदार न्यायालय में ही अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए। हाईकोर्ट से राहत न मिलने पर उक्त लोगों ने सिविल जज जूनियर डिवीजन न्यायालय में वाद दायर किया। न्यायालय ने पहले नौ मार्च और फिर 16 मार्च की तारीख सुनवाई के लिए नियत कर दी थी। सोमवार को मामले में सुनवाई होनी थी।
जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि नगर पालिका संभल की ओर से जवाब दाखिल किया गया। जिसमें कहा गया कि उक्त भूमि वक्फ बोर्ड की संपत्ति नहीं है और ना ही निजी संपत्ति है, बल्कि श्रेणी 15/3 की भूमि है। न्यायालय ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 23 मार्च नियत कर दी है।