गुन्नौर के सहकारी समिति में यूरिया खाद लेने के लिए किसानों की लगी लाइन। संवाद
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चंदौसी(संभल)। धान की रोपाई के एक माह बाद फसल में यूरिया खाद डाली जाती है। इस दौरान खाद लेने के लिए सहकारी समितियों पर किसानों की भारी भीड़ उमड़ रही है। खत्म होने से पहले खाद पाने के लिए मारामारी मच रही है। सुबह से दोपहर तक जिन किसानों को खाद मिल पा रहा है, वह भी फसल के हिसाब से कम है। पर्याप्त खाद न मिलने से किसान परेशान हो रहे हैं। जिले में खाद का संकट देखने को मिल रहा है। किसानों का कहना है कि जहां पांच से दस बोरी की जरूरत है वहां एक या दो बोरी ही यूरिया खाद मिल पा रहा है। बुधवार की सुबह से ही गुन्नौर कस्बे की सहकारी समिति पर यूरिया खाद लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ जुट गई। सुबह से ही लंबी कतार में लगे किसानों को समिति की ओर से खाद का वितरण किया गया। भीड़ अधिक होने के चलते पुलिस को भी मौके पर तैनात रहना पड़ा। वहीं, कई किसानों का नंबर न आने से वे निराश हो गए। हालांकि खाद मिलने पर अधिकांश किसानों ने राहत की सांस ली। किसानों ने कहा कि समय पर खाद मिलना जरूरी है ताकि बोआई और खेतों के अन्य काम प्रभावित न हों।
वहीं धनारी में भी सहकारी समिति पर यही आलम देखने को मिला। किसानों का कहना है कि खाद की जितनी जरूरत है उतनी खाद नहीं मिल पा रही है। उधर चंदौसी मंडी समिति में भी खाद लेने पहुंचे किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल सकी। इस संदर्भ में जब कुछ किसानों से बातचीत हुई तो उन्होंने अपना दर्द बयां किया।
बोले किसान:
20 बीघा धान की फसल है। लेकिन कई दिनों के इंतजार के बाद दो बोरी ही खाद मिल सकी। जिससे खाद की पूर्ति नहीं हुई। दूसरी बार लेने को खाद की निजी दुकानों पर चक्कर लगा रहे हैं। -छोटेलाल, धनारी
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धनारी पट्टी बालू शंकर की सहकारी समिति भागनगर में है। समिति पर कभी खाद नहीं आया। जिससे शोपीस बनी हुई हैं। जिससे यहां कभी किसानों को खाद नहीं मिली।
-हीरालाल कुशवाह, धनारी
किसान लगातार खाद की समस्या से जूझ रहा है। लेकिन जिले के अधिकारी किसानों की समस्या पर कोई गौर नहीं दे रहे। किसानों को समय से पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिली तो फसल खराब हो जाएगी। - शमशुल हसन, गांव बनियाखेड़ा
सुबह से लाइन में धक्के खाने के बाद दो बोरी ही खाद मिल पाया है। जो धान की फसल में लगाने के लिए पर्याप्त नहीं है। और खाद के लिए दोबारा से लाइन में धक्के खाने पड़ेंगे।
- महा सिंह, गांव बनियाखेड़ा की मड़ैया