संभल। एक हादसे ने छह लोगों की जान ले ली है और दो लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इसके अलावा पिकअप का चालक और परिचालक भी घायल हैं। उनका भी उपचार चल रहा है। यह हादसा गंगा एक्सप्रेसवे पर बड़ी लापरवाही का नतीजा है।
गंगा एक्सप्रेसवे अभी निर्माणाधीन है, इसके बाद भी वाहनों की आवाजाही पर कोई रोकटोक नहीं है। सुनसान एक्सप्रेसवे पर लोग मनमानी से वाहनों की रफ्तार बढ़ाकर चल रहे हैं। रफ्तार का कहर ही छह लोगों की जिंदगी पर टूटा है। इस हादसे में गंगा एक्सप्रेसवे की कार्यदायी संस्था पर भी सवाल उठा है। जब कार्य अधूरा है तो वाहनों को प्रवेश कैसे मिल रहा है। यूपीडा के एक्सईएन राकेश कुमार मोगा का कहना है कि गंगा एक्सप्रेसवे पर प्रवेश प्रतिबंधित है। लेकिन लोगों की आवाजाही होने की जानकारी सामने आई है। कार्य कर रही संस्था की जिम्मेदारी तय करेंगे। वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए पुलिस का सहयोग लेने की भी हिदायत दी गई है। जिससे इन वाहनों पर रोक लग सके।
दरअसल मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले इस 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस का 38 किलोमीटर का हिस्सा संभल जिले से होकर गुजर रहा है। इस एक्सप्रेसवे पर दो जंक्शन बनाए गए हैं। इसमें एक जंक्शन संभल-गवां मार्ग पर खिरनी और दूसरा जंक्शन बहजोई के नजदीक लहरावन में बना है। इन जंक्शन से ही वाहनों का प्रवेश और निकासी होगी।