संभल। ब्लॉक प्रमुख चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। संभल ब्लॉक में दो दिग्गज नेताओं के बीच कांटे का मुकाबला है तो असमोली में चाचा-भतीजे आमने सामने ब्लॉक प्रमुख पद पर दावेदारी ठोक रहे हैं। आलम यह है कि अधिकांश गांवों के बीडीसी सदस्य अब भूमिगत हो गए हैं। विशेष स्थानों पर रखे गए बीडीसी सदस्यों का ब्लॉक प्रमुख के दावेदारों की ओर से खातिरदारी किए जाने की बात सामने आ रही है। अब स्थिति यह है कि परिजनों को भी उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है।
असमोली और संभल ब्लॉक में भाजपा और सपा ने भले ही प्रत्याशी घोषित न किए हों लेकिन जो दावेदारी कर रहे हैं उनके नाम लगभग तय हैं। एक दो दिन में नाम फाइनल हो जाएंगे। इस बीच ब्लॉक प्रमुख पद के दावेदार अपने-अपने समर्थकों के साथ क्षेत्र पंचायत सदस्यों को जोड़ने में लग गए हैं।
संभल ब्लॉक में अब तक पूर्व ब्लॉक प्रमुख चौधरी नरेंद्र सिंह का वर्चस्व रहा है। इस बार भी वह मैदान में हैं लेकिन अब चुनौती कड़ी हो गई है। कुछ बीडीसी सदस्यों के घरों पर न होने की बात सामने आ रही है। उनसे मिलने के लिए परिजनों को भी अनुमति लेनी पड़ रही है। दिलचस्प मुकाबला असमोली ब्लॉक में रहेगा। क्योंकि यहां अब तक प्रमुख रहे सतपाल सिंह के सामने उनके भतीजे प्रभाकर चौधरी ने मजबूत दावेदारी ठोकी है। इस कारण इस बार यहां भी समीकरण गड़बड़ाने के आसार बन गए हैं।
साल 2017 में जब प्रदेश में भाजपा की सत्ता आई तो यहां अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इसके बाद सतपाल को प्रमुख पद पर काबिज करने के लिए पूरे खेमे ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। लेकिन अब खेमे अलग-अलग हो गए हैं। चाचा अलग चुनाव लड़ रहे हैं और भतीजा अलग। इसलिए यहां लड़ाई दिलचस्प होने वाली है।