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Sambhal News: परीक्षक को प्रयोगशाला में दर्ज करानी होनी हाजिरी

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संभल। यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटर की प्रायोगिक परीक्षाएं दो चरणों में होंगी। पहला चरण शनिवार यानी आज से एक फरवरी के बीच और दूसरा चरण दो फरवरी से नौ फरवरी के बीच होगा। इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए इस बार व्यवस्था सख्त बनाई गई है। बाह्य परीक्षक को आवंटित स्कूल में न जाना होगा, बल्कि प्रधानाचार्य और आंतरिक परीक्षक के साथ प्रयोगशाला में मौजूद रहकर फोटो खींचकर अपलोड करनी होगी। यह जियाे टैग के साथ अपलोड है।
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दरअसल, प्रायोगिक परीक्षाओं में लापरवाही और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रहीं हैं। कहीं नंबर बढ़ाने के आरोप लगे हैं तो कहीं बिना परीक्षा कराए ही अंक अपलोड करने की शिकायतें मिली हैं। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए यूपी बोर्ड ने इस बार व्यवस्था को और अधिक सख्त किया है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।
सचिव भगवती सिंह की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक दो चरणों में प्रायोगिक परीक्षाएं होंगी। इन परीक्षाओं में बाह्य और आंतरिक परीक्षक की जिम्मेदारी को तय किया गया है। स्पष्ट किया गया है कि प्रायोगिक परीक्षा के परीक्षा कक्ष, प्रयोगशाला और मूल्यांकन स्थल पर सीसीटीवी कैमरे कार्यशील स्थिति में होने चाहिए। साथ ही, उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाएगी, जिससे जरूरत पड़ने पर उसकी जांच की जा सके।
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इसके अलावा परीक्षार्थियों की उपस्थिति, प्रश्नपत्र वितरण, मूल्यांकन प्रक्रिया और अंक अपलोड करने तक की पूरी प्रक्रिया का विधिवत रिकॉर्ड रखा जाएगा। डीआईओएस के अनुसार, बोर्ड ने यह भी कहा है कि प्रयोगात्मक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं, हाजिरी रजिस्टर और अन्य संबंधित दस्तावेजों को कम से कम एक वर्ष तक सुरक्षित रखा जाए। यदि किसी भी छात्र द्वारा अंक या परीक्षा प्रक्रिया को लेकर शिकायत दर्ज कराई जाती है तो इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जांच की जाएगी।
बोर्ड से मिलने वाले सभी जरूरी दिशा-निर्देश प्रधानाचार्यों को दिए जा रहे हैं। किसी विद्यालय की ओर से नियमों की अनदेखी की जाती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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-सर्वेश कुमार, डीआईओएस
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