धनारी के गांव भकरौली स्थित नुमाईश ग्राउंड में रामलीला का मंचन करते कलाकार: स्रोत - आयोजक
संभल। नगर पालिका के परिसर में जय श्री राधा-कृष्ण रामलीला नाट्य कला मंदिर, दरभंगा बिहार के कलाकारों ने माता सीता हरण की लीला का मंचन किया। मंचन देखकर दर्शक भावविभोर हो गए।
मंचन की शुरुआत सूर्पणखा, रावण से सीता के हरण की योजना से की गई। इसके अनुसार, रावण का मामा मारीच जो एक मायावी राक्षस था। वह सोने का हिरण बनकर पंचवटी के पास पहुंचता है। सीता इस सुंदर मृग को देखकर प्रसन्न हो जाती हैं और भगवान राम से उसे पकड़ने का आग्रह करती हैं। इसके बाद राम मृग का पीछा करने चले जाते हैं। राम के जाते ही मारीच राम की आवाज में पुकारता है, जिससे सीता चिंतित होकर लक्ष्मण को राम की सहायता के लिए भेजती हैं।
लक्ष्मण एक रेखा खींचकर सीता से उस रेखा के बाहर न निकलने का आग्रह करते हैं। लेकिन अवसर पाकर रावण साधु का वेश धारण करके कुटिया पर आता है और माता सीता से भिक्षा मांगता है। जैसे ही सीता लक्ष्मण रेखा को लांघकर भिक्षा देती हैं, रावण अपने असली रूप में आकर उनका हरण कर लेता है।
इस दौरान डॉ. कुलदीप त्यागी, डॉ. अरविंद गुप्ता, डाॅ. यूसी सक्सेना, अजय सिंघल, शक्ति शंकर, अशोक गर्ग, अजय कुमार, उज्ज्वल सक्सेना, विकास वर्मा, प्रभाकर शुक्ला, राजकुमार शर्मा आदि रहे। संचालन उमेश शर्मा ने किया।