बबराला(संभल)। पंजाब से घर आ रहे गांव बिजुआ नगला निवासी विशंभर (30) की रेलवे स्टेशन पर अलीगढ़-बरेली पैसेंजर ट्रेन से कटकर मौत हो गई। वह परिवार के साथ पंजाब के लुधियाना में रेहड़ी लगाते थे। पत्नी से विवाद के बाद वह घर आ रहे थे। जीआरपी ने पहचान के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गांव बिजुआ नगला निवासी मानपाल ने बताया कि उसके चाचा विशंभर पंजाब के लुधियाना में मोमोज की रेहड़ी लगाते थे। पत्नी और दो बेटे भी उन्हीं के साथ रहते थे। वह करीब दस दिन पहले गांव आए थे। जहां से दो दिन बाद वापस चले गए। मंगलवार को उनका पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। वह लुधियाना से अलीगढ़ तक का टिकट लेकर चले थे। वहां से बबराला रेलवे स्टेशन तक कैसे पहुंचे नहीं पता। बरेली पैसेंजर ट्रेन नंबर 54 351 दोपहर 2:30 बजे के करीब बबराला स्टेशन पर आकर खड़ी हुई थी। इसके बाद गाड़ी निकल गई तो स्टेशन पर खड़े लोगों ने ट्रैक पर युवक का कटा हुआ शव पड़ा देख जीआरपी को जानकारी दी। जीआरपी करीब दो घंटे तक शव की शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। कपड़ों की तलाशी लेने पर मृतक के पास से एक हाथ का लिखा पर्चा मिला, जिसे पर लिखा था गुन्नौर के ग्राम बिजुआ नगला विशंभर के यहां जाना है। इस पर जब संपर्क किया गया तो पता लगा कि मरने वाला युवक ही विशंभर है। इसके अलावा मृतक की जेब से ट्रेन का एक टिकट भी मिला जो दो दिसंबर सुबह 8:57 पर लुधियाना से अलीगढ़ जाने वाली ट्रेन का था।
इधर लुधियाना में ही रहने वाले मृतक के चचेरे भाई लक्ष्मी नारायण की ओर से फोन पर दी गई जानकारी के आधार पर मानपाल ने बताया कि विशंभर का उनकी पत्नी से झगड़ा हो गया था और नाराज होकर गांव चले गए थे। आत्महत्या व दुर्घटना के बीच उलझी जीआरपी वास्तविकता जानने के लिए जांच कर रही है। हालांकि अभी तक इस मामले में मृतक के परिवार की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।