कस्बा में नेहरू चौक से कांशीराम आवासीय कॉलोनी तक नाला निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग की पुष्टि होने के बाद भी उसी ठेकेदार को नाला निर्माण की हरी झंडी दे दी गई है। जांच के चलते काफी समय से नाला निर्माण का कार्य बंद पड़ा था।
नगर पंचायत द्वारा नेहरू चौक से कांशीराम आवास तक 42 लाख की लागत से करीब आठ सौ मीटर लंबा नाला निर्माण शुरू कराया। ठेकेदार पर घटिया सामग्री का प्रयोग का आरोप लगाते हुए लोगों ने विरोध किया तो 22 मार्च को तत्कालीन एसडीएम आनंद कटारिया ने नाला निर्माण रुकवा दिया और निर्माण में गुणवत्ता की निगरानी कर रहे जेई को भेजकर निर्माण सामग्री के सैंपल की जांच का निर्देश दिया था। एक माह बाद लैब से सैंपल की परीक्षण रिपोर्ट में निर्माण सामग्री का सैंपल फेल होने पर ईओ अमरेश तिवारी ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही थी। बताया गया है कि उसी ठेकेदार द्वारा तीन महीने बाद नाला निर्माण का काम एक बार फिर से शुरू कर दिया गया है। बन रहे नाले के आसपास रहने वाले लोगों का आरोप है कि इस बार भी मानक के विपरीत निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। जिससे नाले की दीवार जगह जगह दरक रही है। तली को कच्चा रखने से बारिश के पानी से ही तला धंसने लगा है। लोगों का सवाल है कि बनने के साथ ही क्षतिग्रस्त होते जा रहे नाले के निर्माण में गुणवत्ता पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा है।
वर्जन
- जिस ठेकेदार से पहले काम लिया जा रहा था उस ठेकेदार ने माफी मांग ली है कि आगे से गलत नहीं करेगा। इसी शर्त पर काम शुरू कराया गया है। -अमरेश तिवारी, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत, गुन्नौर