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जिला अस्पताल का हाल, बिना महिला डॉक्टर के मरीज बेहाल

सार

लाख दावों के बाद भी सरकारी चिकित्सा व्यवस्था घुटनों पर है।मरीजों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं गई है।सीएमएस का कहना है कि महिला चिकित्सक की तैनाती के लिए वह कई बार पत्राचार कर चुके हैं।
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The condition of the district hospital, the patient is suffering without a female doctor - फोटो : SAMBHAL
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विस्तार
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लाख दावों के बाद भी सरकारी चिकित्सा व्यवस्था घुटनों पर है। हाल यह है कि जरूरतमंदों के लिए सबसे ज्यादा सहायक जिला अस्पताल में स्थानांतरण के बाद महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। ब्लड बैंक में एक भी यूनिट ब्लड नहीं है। महिला चिकित्सक न होने से ऑपरेशन के केस रेफर कर दिए जाते हैं। साथ ही जरूरतमंदों को नर्सिंगहोम में महंगा इलाज कराना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल में लंबे समय से महिला चिकित्सक व अन्य विशेषज्ञों की कमी है। महिला डॉक्टर न होने से ऑपरेशन का मामला आने पर रेफर कर दिया जाता है। स्टाफ नर्स सामान्य प्रसव कराती हैं। काफी समय बीतने के बाद भी महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं हो पा रही है। लोगों को समय पर खून उपलब्ध हो सके इसके लिए जिला अस्पताल में ब्लड बैंक बनाया गया था। करीब 20 दिन से ब्लड बैंक में एक भी यूनिट ब्लड नहीं है। ऐसे में किसी मरीज को ब्लड की जरूरत पड़ने पर उसे निजी ब्लड बैंक से महंगा ब्लड खरीदने की मजबूरी है।
जिला अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक डा. रंजना सिंह का तबादला हुए करीब डेढ़ महीने का समय बीत गया है। उनके तबादले के बाद से ही अस्पताल में इलाज की व्यवस्था बेपटरी है। इस समय ऑपरेशन कक्ष तो बंद ही है। महिला चिकित्सक न होने से ऑपरेशन के केस भी रेफर कर दिए जाते हैं। मरीजों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं गई है। महिला चिकित्सक के न होने से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों नर्सिंग होम में ऑपरेशन कराने के लिए मजबूर हैं। जिला अस्पताल में संसाधन होते हुए चिकित्सक की कमी का खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है। सीएमएस का कहना है कि महिला चिकित्सक की तैनाती के लिए वह कई बार पत्राचार कर चुके हैं।
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सीएमएस बोले गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन में पड़ती है ब्लड की जरूरत
संभल। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में एक भी यूनिट ब्लड न होने की बात पर अस्पताल के सीएमएस डा. अनूप अग्रवाल का कहना है कि गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन के समय ही ब्लड की जरूरत पड़ती है। इस समय महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं है तो ऑपरेशन भी नहीं हो पा रहे हैं। लिहाजा ब्लड की ज्यादा जरूरत नहीं है। अस्पताल आए लोगों का कहना है कि यदि अन्य मरीज को खून की जरूरत पड़ी तो उसकी जरूरत कैसे पूरी हो पाएगी।
शासन को कई बार पत्र भेजकर महिला चिकित्सक व अन्य विशेषज्ञों की तैनाती के लिए मांग की जा चुकी है। महिला चिकित्सक की तैनाती न होने से ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। सामान्य प्रसव स्टाफ नर्स द्वारा कराए जा रहे हैं।
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डा. अनूप अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल संभल
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