बहजोई। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों ने कलक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई कर आपत्तियां व सुझाव लिए।
मंगलवार को दोपहर बाद आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह समेत सदस्य सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश बृजेश कुमार, सेवानिवृत्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार विश्वकर्मा व सेवानिवृत आईएएस एसपी सिंह ने जन प्रतिनिधियों समेत अन्य लोगों से आपत्तियां व सुझाव लिए। वहीं, आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की ओर से पंचायतों में होने वाले आगामी चुनाव के बावत पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक आरक्षण पर ब्लॉकवार बातचीत की। इस बीच, अध्यक्ष व सदस्यों ने जिला पंचायत सदस्यों, ब्लॉक प्रमुखों, ग्राम प्रधानों व अन्य लोगों से गांवों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति, आरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आर्थिक स्थिति तथा सामान्य व अनुसूचित जाति वर्ग की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों के संबंध में आपत्तियां व सुझाव लिए।
इस बीच, अध्यक्ष सदस्यों की ओर से नगरीय निकाय व पंचायत चुनावों से पूर्व राजनीतिक आरक्षण की वर्तमान स्थिति तथा पिछड़ेपन के वास्तविक स्वरूप का आंकलन किया जाना जरूरी है।
इस बीच, डीडीओ राम आशीष ने बताया कि जिला संभल की कुल जनसंख्या 17,31,335 है। इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की जनसंख्या 9,70,492 तथा अनुसूचित जाति की जनसंख्या 3,87,025 है।
इसके बाद आयोग के साथ आए विशेष कार्याधिकारी मोहम्मद अंसारी ने आयोग की कार्यप्रणाली, रूपरेखा तथा जिला भ्रमण के उददेश्य की जानकारी दी। इस बीच, अध्यक्षों व सदस्यों ने प्रेसवार्ता भी की। कार्यक्रम में सीडीओ गोरखनाथ भटट व एडीएम सत्यप्रिय सिंह, एएसपी मनोज कुमार रावत, एएमए आशीष सिंह, चेतेंद्रपाल सिंह आदि रहे।