संभल। वाहनों और सार्वजनिक स्थानों पर जाति के नाम या जाति को महिमा मंडित करने संबंधी स्लोगन व स्टीकर आदि लगाकर चलने वाले वाहनों का चालान होगा। जातिगत क्षेत्र या जागीर घोषित करने वाले साइन बोर्ड या घोषणाएं हटाई जाएंगी। इस संबंध में शासन ने आदेश दिया है। खास बात यह है कि राजनीति उद्देश्यों से आयोजित की जाने वाली जाति आधारित रैलियों पर भी अब पूर्ण प्रतिबंध लग जाएगा।
दरअसल, एक सर्वसमावेशी, संवैधानिक मूल्यों के अनुकूल व्यवस्था उत्तर प्रदेश सरकार की घोषित नीति है। समाज में व्याप्त विभेदकारी प्रवृत्तियों के उन्मूलन के दृष्टिगत पुलिस अभिलेख एवं सार्वजनिक संकेतों में जाति आधारित अंकन एवं प्रदर्शन रोकने के लिए तथा जातीय प्रदर्शनों द्वारा जातीय संघर्ष को प्रेरित करने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश के बाद इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के मुताबिक, सीसीटीएनएस पोर्टल पर प्रयोग किए जा रहे प्रारुपों में आरोपियों की जाति अंकित करने संबंधी फील्ड को डिलीट किया जाएगा। थानों में नोटिस बोर्ड्स से भी जाति हटेगी। बरामदगी, पंचनामा, गिरफ्तारी मेमो और व्यक्तिगत तलाशी मेमो आदि में भी आरोपी की जाति का उल्लेख नहीं होगा। यही नहीं, पुलिस के द्वारा तैयार किए जाने वाले अभिलेखों में आरोपी के पिता के नाम के साथ अब माता का नाम भी अंकित किया जाएगा।