संभल। नखासा थाने की रायसत्ती पुलिस चौकी में हार्टअटैक से जान गंवाने वाले इरफान के शव को मंगलवार की सुबह सुपुर्द ए खाक कर दिया है। इरफान का परिवार मौत का जिम्मेदार पुलिस को मान रहा है। इरफान के बेटे अफनान का कहना है कि उन्होंने एक दरोगा और चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस के अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिया है।
मोहल्ला खग्गूसराय निवासी फल विक्रेता इरफान (45) की सोमवार को रायसत्ती पुलिस चौकी में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। पुलिस रुपये के लेनदेन में बिचौलिया होने की वजह से पुलिस चौकी लाई थी। इसी दौरान हालत बिगड़ गई थी और उपचार मिलने से मौत हो गई थी। परिजनों ने करीब एक घंटा पुलिस चौकी पर हंगामा किया था। पुलिस चौकी के स्टाफ को दोषी बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इरफान की पत्नी रेशमा ने कई गंभीर आरोप लगाए थे। जिस पर पुलिस के अधिकारियों ने जांच करने का हवाला दिया था।
दरअसल मृतक की बहन शफीक बेगम ने अपने बेटे अरकान को छह लाख रुपये दिए थे। जिसमें इरफान बिचौलिया थे और दो लाख रुपये इरफान के हाथ से गए थे। महिला ने बेटे और भाई की शिकायत पुलिस से की थी। इसके बाद ही पुलिस इरफान को जांच के सिलसिले में चौकी लेकर पहुंची थी। इसी दौरान हार्टअटैक से मौत हो गई थी। मंगलवार को शव सुपुर्द ए खाक कर दिया गया है। नखासा थाना प्रभारी का कहना है कि उन्हें कोई तहरीर नहीं मिली है।