चंदौसी। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2019 पूरे संभल जिले में झमाझम बारिश के बीच शांतिपूर्ण माहौल में कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच संपन्न हो गई। कुल 9400 पंजीकृत आवेदकों में दोनों पालियों में 8777 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 623 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा को नकल विहीन संपन्न कराने के लिए सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा कराई गई। सघन तलाशी भी की गई।
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी 2019) का क्रेज आवेदकों में सिर चढ़कर बोला। सुबह से ही खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में आवेदक समय से घंटों पहले ही परीक्षा केंद्रों पर जाकर लाइनों में लग गए। चंदौसी के छह व संभल के चार परीक्षा केंद्रों पर तड़के से ही लाइनें लगनी शुरू हो गईं। इस दौरान रिमझिम बारिश शुरू हो गई लेकिन परीक्षार्थियों के जज्बे को हिला नहीं सकी। बारिश के दौरान ही सभी लोग लाइनों में लगे रहे। जिससे वह बारिश में सराबोर हो गए। परीक्षा केंद्रों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
परीक्षा केंद्रों पर साढ़े नौ बजे से पहले ही तलाशी व अभिलेखों की चेकिंग करके परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में बैठाना शुरू करा दिया गया। इस दौरान जो परीक्षार्थी मूल प्रमाण पत्रों के साथ नहीं आए उन्हें भटकना पड़ा। कई को बिना परीक्षा के ही लौटना पड़ा। निर्धारित समय सुबह 10 बजे से परीक्षा शुरू हो गई। स्टेटिक मजिस्ट्रेट, पर्यवेक्षक भी पहुंच गए। नोडल अधिकारी भी भ्रमण करते रहे।
जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार आर्य ने बताया कि सुबह की पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा में कुल 6152 पंजीकृत आवेदकों में 5726 ने परीक्षा दी, जबकि 426 अनुपस्थित रहे। द्वितीय पाली में 3248 परीक्षार्थियों में 3051 ने परीक्षा दी, 197 अनुपस्थित रहे। इस तरह दोनों पालियों में सभी दस परीक्षा केंद्रों पर कुल 9400 पंजीकृत में से 8777 ने परीक्षा दी। 623 आवेदक अनुपस्थित रहे। परीक्षा पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। हालांकि परीक्षा केेंद्रों पर भारी भीड़भाड़ का माहौल रहा। कुछ लोग मूल प्रमाण पत्र नहीं लाए थे, जिसके कारण कुछ लोगों को परीक्षा से रोका गया।
पचास आवेदक नहीं दे पाए पहली पाली की परीक्षा
शिक्षक पात्रता परीक्षा के दौरान ऐसे कई आवेदक मिले, जो बीएड का मूल प्रमाण पत्र साथ नहीं लाए थे। जिसे लेकर कई स्थानों पर अभिलेख चेकिंग करने वालों से तीखी नोकझोंक भी हुई। परीक्षार्थी जब परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचे तो निरीक्षकों ने उनके बीएड प्रमाण पत्र की मूल कापी भी देखने के लिए मांगी लेकिन कई के पास उसकी छाया प्रति ही थी। बीएमजी कालेज में एक महिला आवेदक ने पालिकाध्यक्ष इंदूरानी को भी फोन किया, वह परीक्षा केंद्र पहुंचीं लेकिन केंद्र व्यवस्थापक ने आदेश दिखाते हुए बिना मूल प्रति देखे परीक्षार्थी के बैठाने से इनकार कर दिया। इसी तरह चंदौसी इंटर कालेज परीक्षा केंद्र पर करीब पांच आवेदकों के पास मूल प्रमाण पत्र नहीं थे। इसमें भाजपा (सुशासन प्रकोष्ठ) के जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश यादव ने मामले की शिकायत सीडीओ से की। इसी बीच यहां पहुंचे बीएसए को आवेदकों ने घेर लिया लेकिन बात नहीं बनी तो डीआईओएस मनोज कुमार आर्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने बीएड प्रमाण पत्र की छाया प्रति को प्रमाणित कराने के बाद उन्हें द्वितीय पाली की परीक्षा देने की इजाजत दी। यह सभी आवेदक पहली पाली की परीक्षा नहीं दे सके।
एसपी ने किया पैदल मार्च
शिक्षक पात्रता परीक्षा व श्रमिक संगठनों के भारत बंद के चलते शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। सुबह से ही प्रमुख चौराहों, परीक्षा केंद्र बने कालेजों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने भी दोपहर को यहां पैदल मार्च कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
शहर में सुबह से ही भारी भीड़ दिख रही थी। बड़ी संख्या में आवेदकों व उनके साथ आए लोगों से परीक्षा केंद्र जाने वाले मार्गों पर भीड़ जुटी थी। परीक्षा केंद्रों के किनारे बड़ी संख्या में गाड़ियां पार्क कर दी गई थी, जिससे निकलना दूभर हो रहा था। कहीं कोई गड़बड़ी न हो जाए, इसलिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा की कमान स्वयं पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने संभाली। उन्होंने सीओ अशोक कुमार व अन्य अधिकारियों के साथ पैदल मार्च किया।
टीईटी छूटने के बाद दो बार एक एक घंटे लगा जाम
शिक्षक पात्रता परीक्षा के दौरान यूं तो दिनभर जाम की स्थिति बनी रही लेकिन जब परीक्षा खत्म हुई तो करीब एक-एक घंटे तक दो बार जाम लग गया।
सुबह से शिक्षक पात्रता परीक्षा देने वालों का आना शुरू हो गया था। लेकिन जब दोपहर साढ़े 12 बजे परीक्षा छूटी तो शहर में जाम की स्थिति बन गई। इसके बाद यही स्थिति शाम को पांच बजे के करीब नजर आई। कई मार्गों पर दो बार करीब एक-एक घंटे का जाम लगा रहा। जिसे खुलवाने को पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर को तो कोतवाली के सामने ही जाम लग गया। क्योंकि एसएम इंटर कालेज और एसएम डिग्री कालेज दो बड़े परीक्षा केंद्र इसी मार्ग पर हैं।