संभल। पटियाला हाउस कोर्ट ने मोहम्मद आसिफ और जफर मसूद को आतंकी गतिविधियों में सजा सुनाई है। यह दोनों अलकायदा की सहायक शाखा अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टीनेंट (एक्यूआईएस) के लिए काम करते थे। साजिश रचने के साथ ही आतंकी बनाने के लिए युवाओं को भर्ती करने का काम था।
मोहम्मद आसिफ गिरफ्तारी के समय पुरानी मोटर और पंखे मरम्मत कर बेचने का काम करता था। एक छोटी सी दुकान थी। जिससे परिवार की गुजर होती थी। जबकि जफर मसूद का एक ट्रक चलता था। उसके अलावा वह बजरी पर चलने वाले ट्रक से कमीशन लेता था। मोहम्मद आसिफ की पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं।
अपने चार भाइयों में तीसरे नंबर का है। परिवार की जिम्मेदारी इस समय मोहम्मद आसिफ के भाई ही निभा रहे हैं। जफर मसूद की पत्नी और दो बच्चे हैं। इनकी देखभाल भी जफर मसूद के परिवार के सदस्य ही करते हैं। यह अपने पांच भाइयों में सबसे छोटा है। मंगलवार को दोनों को सजा हुई है तो परिवार ज्यादा कुछ कहने को तैयार नहीं है। मोहम्मद आसिफ के भाई ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं है कि उनके भाई को सजा सुनाई जा चुकी है। अधिवक्ता से बात नहीं हुई है।