लखनऊ में मारे गए आतंकी सैफुल्ला के मोबाइल की कांटेक्ट लिस्ट में बरेली और संभल के सात नंबरों का खुलासा होने पर खुफिया तंत्र सक्रिय हो गया है। इन नंबरों के बारे में तेजी सेे छानबीन की जा रही है। स्थानीय खुफिया तंत्र का कहना है कि उसे इस बारे में अभी तक कोई इनपुट नहीं मिला।
इस बीच गुरुवार को दिन भर एटीएस के संभल आने की बात चलती रही, लेकिन कहीं कोई अधिकारी नजर नहीं आया। इतना जरूर पता लगा कि कि देश और प्रदेश की खुफिया एजेंसियां के अधिकारी और कर्मचारी संभल के इनपुट पर में सक्रिय हैं। जिले के किसी वरिष्ठ अधिकारी ने अभी एटीएस के आने की पुष्टि नहीं की है।
संभल में 2015 में अलकायदा से जुड़े संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार किए गए हैं। जबकि अलकायदा से जुड़े आठ युवक लंबे समय से लापता हैं। अब गायब लोगों के लोकल कनेक्शन एक बार फिर तलाशे जा रहे हैं। इसलिए आतंकियों के स्थानीय कनेक्शन से इनकार नहीं किया जा सकता है।
देश की खुफिया एजेंसियों की निगाह में संभल पहले से है। सैफउल्ला की कांटेक्ट लिस्ट में बरेली और संभल के सात नंबर ट्रेस होने की जानकारी ने जिले की पुलिस को चौंका दिया है, लेकिन अभी इस बारे में अधिकारी किसी तरह की जानकारी देने से परहेज कर रहे हैं। जबकि एटीएस ने बरेली में डेरा डाल दिया है।
उन लोगों को ट्रेस किया जा रहा है, जो सैफउल्ला की कांटेक्ट लिस्ट में हैं। जिले की पुलिस से खुफिया एजेंसियों से अधिकारियों का कांटेक्ट बना हुआ है पर लखनऊ में सैफल्लाह की मौत के बाद जब एसपी बालेंदु भूषण से पूछा गया, तो उनका कहना था कि अभी कोई इनपुट उन्हें नहीं मिला है।
अगर कोई जानकारी शासन से मिलती है, तो उस पर तत्काल छानबीन शुरू हो जाएगी। जिला पुलिस और स्थानीय खुफिया एजेंसियां शासन से प्राप्त इनपुट के आधार पर छानबीन करेंगी। फिलहाल संभल की संवेदनशीलता के साथ मतगणना और होली के त्योहार को लेकर अलर्ट जारी है।
पुलिस के साथ पैरामिलिट्री की भी जनपद पर निगरानी है। वाहन चेकिंग और सार्वजनिक स्थलों पर चेकिंग की जा रही है। चंदौसी में रेलवे स्टेशन पर चेकिंग कराई गई जबकि संभल के चंदौसी चौराहा और चौधरी सराय में चेकिंग हुई।