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Sambhal News: मुसाफिरखाने की जांच कर लौटी टीम, बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद और मजार की जांच टली

Wed, 09 Sep 2026 01:52 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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संभल में हसनपुर रोड ​स्थित मुसाफिर खाने के बाहर जांच पड़ताल करती टीम। संवाद
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संभल। हसनपुर मार्ग स्थित मुसाफिरखाने का निर्माण मनोकामना तीर्थ की जमीन पर करने का आरोप है। यह मुसाफिरखाने जामा मस्जिद की संपत्ति है और इसकी देखभाल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की ओर से की जाती है। इस शिकायत पर एएसआई के अधिकारी ने मंगलवार को राजस्व टीम के साथ मुसाफिर खाने का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की है। साथ ही राजस्व रिकॉर्ड को देखा है।
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दूसरी ओर बाबा बहाउद्दीन मस्जिद और मजार की जांच फिलहाल टल गई है। टीम से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि अगले दौरे के दौरान इसकी जांच होगी।
मंगलवार की सुबह 11 बजे मेरठ कार्यालय से एएसआई के सर्वेक्षण सहायक पुनीत डोगरा पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ मुसाफिरखाने पहुंचे। उन्होंने अपने रिकॉर्ड के अनुसार निरीक्षण किया, फोटोग्राफी और वीडियो बनाई। इसके बाद राजस्व रिकॉर्ड से मिलान किया गया। यह जांच करीब 30 मिनट तक चली। उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर मुसाफिरखाने का निरीक्षण किया गया है। जो भी रिकॉर्ड हैं, उसके अनुसार मिलान कराया जा रहा है। राजस्व रिकॉर्ड को भी देखा गया है। पूरी जांच के बाद आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। शिकायत श्री कल्कि सेना निष्कलंक दल के संयोजक सुभाषचंद्र त्यागी अधिवक्ता ने की है। उन्होंने जमीन को कब्जामुक्त करने की मांग की है।
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बाबा बहाउद्दीन मस्जिद और मजार का निर्माण नॉन जेडए की भूमि पर होने का दावा
बाबा बहाउद्दीन मस्जिद और मजार का निर्माण जामा मस्जिद की जमीन पर होने का आरोप लगाया गया था। साथ ही कहा था कि 15 वर्ष के अंदर इसका आकार बड़ा किया गया है जो गलत है। जिन गाटों की संख्या में यह जमीन होने का दावा किया गया था उस जमीन का गाटा जामा मस्जिद का है लेकिन मुसाफिरखाने के नजदीक है। पिछले वर्ष प्रशासन ने कई दुकानों को ध्वस्त किया था। यह दुकानें गाटा संख्या- 170/1 पर ही बनी थीं। शिकायतकर्ता का यह भी दावा था कि मस्जिद और मजार का निर्माण नॉन जेडए की भूमि में किया गया है।
पुलिस, पीएसी और आरआरएफ को किया गया तैनात, ड्रोन से भी निगरानी
बाबा बहाउद्दीन मस्जिद और मजार की जांच की सूचना पर पुलिस, पीएसी और आरआरएफ कर्मी चौधरी सराय में तैनात कर दिए गए थे। छतों पर भी पहरा लगाया गया था। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही थी, लेकिन जब टीम मस्जिद और मजार की जांच करने के लिए नहीं पहुंची तो फोर्स को मुसाफिर खाने की तरफ भेजा गया।
कोट
शिकायतीपत्र मिलने पर मंगलवार को एएसआई की टीम ने मुसाफिर खाने की जांच की है। एएसआई की जो भी जांच रिपोर्ट मिलेगी उसके आधार पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल जांच कर टीम लौट गई है। -सत्यप्रिय सिंह, एडीएम, संभल
बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद और मजार को अवैध बताने पर सांसद बर्क ने जताई नाराजगी
संभल। सपा के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने चौधरी सराय पुलिस चौकी के पास स्थित बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद को लेकर की गई शिकायत पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि गलत शिकायतों पर जांच शुरू करा दी जाती है। तथ्यों का परीक्षण ही नहीं किया जाता है। जामा मस्जिद से बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद और मजार का कोई मतलब ही नहीं है। दोनों ही मस्जिद अपनी-अपनी जमीन पर बनी हैं।
मंगलवार को सांसद बर्क ने दीपा सराय स्थित आवास पर मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा सरकारों में मस्जिदों, मदरसों और कब्रिस्तानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस-प्रशासन की मदद से सरकारें जो यह काम कर रही हैं, वह संविधान के खिलाफ है। यह धार्मिक आजादी पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन अब खुद को न्याय पालिका समझने लगा है। यह कार्रवाई गलत तरीके से की जा रही है। न्याय पालिका की अनदेखी से देश में अराजकता बढ़ेगी। सांसद ने सहारनपुर की मस्जिद गिराने की कार्रवाई की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि एसडीएम या डीएम की अदालत अंतिम नहीं होती, न्यायपालिका उसके ऊपर है।
बाबा बहाउद्दीन मस्जिद 350 साल पुरानी, शिकायत निराधार : मौलाना अशरफ
संभल। तंजीम उलमा ए अहले सुन्नत के महासचिव मौलाना फैजान अशरफ हामिदी ने मंगलवार को कहा कि बाबा बहाउद्दीन मस्जिद को लेकर की गई शिकायत गलत है। उन्होंने कहा कि बाबा बहाउद्दीन मस्जिद का शाही जामा मस्जिद से कोई संबंध नहीं है। यह मस्जिद 350 साल से अधिक पुरानी है। इसका अपना अलग धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। उन्होंने दोनों मस्जिदों को जोड़कर किए जा रहे दावों पर चिंता जताई। कहा कि दावे पुख्ता सबूत और सरकारी रिकॉर्ड पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने प्रशासन से दोनों मस्जिदों के रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की। मौलाना ने लोगों से सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी न फैलाने की अपील की है।
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