बहजोई। विद्यालय में लगातार अनुपस्थित रहने पर निलंबन के बाद जारी किए गए कई नोटिस का जवाब न दिए जाने और विभाग से कोई संपर्क न रखने पर करीब डेढ़ साल बाद परिषदीय विद्यालय के प्रधानाध्यापक के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बीती 25 सितंबर 2019 को किए गए निरीक्षण में विकासखंड पवांसा के गांव झद्दा की मड़ैया का प्राथमिक विद्यालय बंद मिला था। साथ ही ग्रामीणों की ओर से जानकारी दी गई थी कि प्रधानाध्यापक 10-15 दिन में एक बार विद्यालय आते हैं। इस पर 27 सितंबर 2019 को लापरवाही पर प्रधानाध्यापक को निलंबित कर इसी विद्यालय से संबद्ध किया गया था। इसके बाद 30 जनवरी 2020 को खंड शिक्षा अधिकारी से जानकारी मिली थी कि प्रधानाध्यापक न तो विद्यालय में आ रहे हैं और न ही कोई संपर्क किया गया है। इससे साफ हुआ था कि निलंबन के बावजूद प्रधानाध्यापक लगातार विद्यालय से अनुपस्थित रह रहे थे। बीएसए ने बताया कि इसके बाद 6 फरवरी 2020 को प्रधानाध्यापक के निवास पर सेवा समाप्ति का नोटिस भेजा गया था, लेकिन वह नोटिस प्राप्त नहीं किया गया था।
इसके बाद 6 जुलाई 2020 को भी प्रधानाध्यापक को अंतिम मौका देते हुए एक सप्ताह में अपना जवाब देने के लिए नोटिस भेजा गया था। बावजूद इसके प्रधानाध्यापक की ओर से कोई भी जवाब नहीं दिया गया। बाद में 30 जनवरी 2021 को तीसरा व अंतिम नोटिस भेजा गया, लेकिन प्रधानाध्यापक की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बाद 23 फरवरी 2021 को प्रधानाध्यापक को समाचार पत्रों के माध्यम से भी नोटिस जारी कर प्रकाशित कराया गया था। इस पर भी प्रधानाध्यापक की ओर से कोई संपर्क नहीं किया गया। बीएसए के मुताबिक विभिन्न माध्यमों से सेवा समाप्ति का नोटिस जारी कराने के बावजूद कोई जवाब न मिलने से साफ होता है कि प्रधानाध्यापक की ओर से अपने पद पर सेवाएं देने की इच्छा नहीं है। इसके लेकर प्रधानाध्यापक अमित कुमार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई हैं।