आरोपी छात्र के खिलाफ हयातनगर थाने में तररीर दी। देर शाम छात्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
अप्रैल 2016 में बीए द्वितीय वर्ष की परीक्षा चल रही थी। एक छात्र ने कक्ष निरीक्षक दीपक कुमार और हरेंद्र विश्वकर्मा के साथ परीक्षा के दौरान नकल करने से रोकने पर अभद्रता की। तब यह प्रकरण परीक्षा समिति के सामने रखा गया था और समिति ने छात्र का केस अनफेयर मींस (यूएफएम) करके विश्वविद्यालय के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद बात खत्म हो गई थी। दोबारा यह प्रकरण सोमवार को उस वक्त उठा जब उसी शिक्षक दीपक कुमार को कालेज से घर जाते समय सोमवार को दोपहर बाद छात्र ने रास्ते में घेर लिया।
इसके बाद अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें धमकाया। इस मामले में शिक्षकों मंगलवार को कालेज खुलने पर प्राचार्य से बातचीत की। शिक्षण संस्था का प्रमुख होने के नाते प्राचार्य से छात्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का आग्रह शिक्षकों से किया। प्राचार्य ने इससे मनाकर दिया। उन्होंने कहा कि यह कालेज के बाहर की घटना है। वह एफआईआर नहीं कराएंगे। इसके बाद शिक्षक आक्रोशित हो गए। उन्होंने कालेज परिसर में प्रदर्शन किया और चाक डाउन हड़ताल का एलान कर दिया। इसके बाद शिक्षकों ने थाने में जाकर तहरीर दी। थाना प्रभारी ने बताया कि हयातनगर निवासी छात्र फहीम पुत्र साजिद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
जिस छात्र ने सोमवार को मेरे साथ अभद्रता की है। उसे कार्यवाहक प्राचार्य डा. योगेंद्र सिंह की शह मिली हुई है। उनका खुला संरक्षण है। मेरेे साथ अभद्रता करने से पहले छात्र और कालेज के कार्यवाहक प्राचार्य के बीच डेढ़ घंटे वार्ता हुई है। इसके बाद जब मैं कालेज से अपने साथी शिक्षक आवेश कुमार के साथ बाइक से जा रहा था तब मुझे रास्ते में रोककर छात्र ने धमकाया। अभद्रता की। यदि प्राचार्य का छात्र को संरक्षण नहीं था तो उन्होंने शिक्षकोंकी मांग पर छात्र के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की?
दीपक कुमार, असिसटेंट प्रोफेसर।