देश, प्रदेश की लोक संस्कृति से विद्यार्थियों को रूबरू कराने और उनकी छिपी प्रतिभा को निखारने के लिए माध्यमिक विद्यालयों में कला उत्सव का आयोजन होगा। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस उत्सव में माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी भाग लेंगे। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर समग्र शिक्षा अभियान इसका आयोजन कर रहा है।
जिले में संचालित 272 माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की प्रतिमा खोज को उचित प्लेटफार्म देने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग जुट गया है। प्रत्येक विद्यालय से एक छात्र और एक छात्रा इस उत्सव में हिस्सा ले सकेंगे। जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक यह उत्सव आयोजित होगा। जिला स्तर पर विजेता प्रतिभागी को मंडल स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। इसी तरह से राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिभागी चयन होंगे। उत्सव में प्रतिभागिता करने के लिए 10 विधाएं निर्धारित की गई हैं। विद्यार्थी एक ही विद्या में अपने प्रतिभा दिखा सकेंगे।
इन विधाओं में दिखा सकेंगे प्रतिभा
संगीत गायन- शास्त्रीय संगी- हिंदुस्तानी या कर्नाटक संगीत
संगीत गायन- पारंपरिक लोक संगीत- कोई भी शैली
संगीत वादन- अवनद्ध वाद्य- कोई भी पारंपरिक भारतीय अवनद्ध वाद्य
संगीत वादन- स्वर वाद्य- कोई भी पारंपरिक भारतीय स्वर वाद्य
नृत्य- शास्त्रीय नृत्य- शास्त्रीय विधाएं
नृत्य-लोक नृत्य- किसी भी प्रांत का पारंपरिक लोक नृत्य
दृश्य कला-द्वि-आयामी- ड्राइंग या पेंटिंग एवं प्रिंट मेकिंग
दृश्य कला- त्रि-आयामी- मूर्ति कला
स्थानीय खिलौने एवं खेल पारंपरिक खिलौने एवं खेल
नाटक-एकल अभिनय-एकल रूप से किया गया कोई भी अभिनय
- कला उत्सव के आयोजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जल्द ही उत्सव के आयोजन की तिथि निर्धारित की जाएगी। जिससे विद्यार्थी अपनी प्रतिभा दिखा सकें। इस संबंध में विद्यालयों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
-वेदराम कौशल, जिला विद्यालय निरीक्षक, संभल।